0 प्रेस क्लब में हुआ चार पुस्तकों का विमोचन
राजनांदगांव, 03 अप्रैल (आरएनएस)। साकेत साहित्य परिषद राजनांदगांव जिले के सुरगी में संचालित प्रसिद्ध साहित्यिक संस्था है। सुरगी जिला मुख्यालय राजनांदगांव से मात्र तेरह किलोमीटर पर स्थित एक छोटा कस्बा है । परिषद ने एक अप्रेल 2026 को प्रेस क्लब राजनांदगांव में साहित्यिक संगोष्ठी, पुस्तक विमोचन और आंचलिक कवियों के काव्यपाठ का आयोजन किया । यह आयोजन साकेत साहित्य परिषद सुरगी के सत्ताईस वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में किया गया ।
परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अंचल के वरिष्ठ साहित्यकार, दुर्ग निवासी डॉ. जयप्रकाश साव थे । अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. दादूलाल जोशी ÓफरहदÓ ने की । विशेष अतिथि के रूप में सुपरिचित व्यंग्यकार दुर्ग निवासी श्री विनोद साव और दुर्ग के ही सुप्रसिद्ध ब्लॉगर और गूगल कम्पनी के लिए छत्तीसगढ़ी शब्दकोश के निर्माता साहित्यकार श्री संजीव तिवारी उपस्थित थे ।
आमंत्रित अतिथियों ने प्रथम सत्र में श्री कुबेरसिंह साहू की पुस्तक ‘स्मृतियों के सुवासित पुष्प ‘ का विमोचन किया , जो छत्तीसगढ़ के महान संगीतकार स्वर्गीय श्री खुमान लाल साव पर केंद्रित है ।इस अवसर पर स्वर्गीय श्री यशवंत मेश्राम द्वारा लिखित आलोचनात्मक दो पुस्तकों (1) कुबेर की रचनाओं में समकालीनता एवं समकालीन समीक्षा दृष्टिÓ तथा (2) आलोचना का मापदंड -हत्या ‘ और साहित्यकार कुबेर ( कुबेर सिंह साहू )द्वारा किए गए महान रूसी साहित्यकार मैक्सिम
गोर्की की कहानियों के छत्तीसगढ़ी अनुवाद की पुस्तक Óबाज के गीत अउ दूसर कहानीÓ का भी अतिथियों ने विमोचन किया ।
मुख्य अतिथि साहित्य समालोचक डॉ. जयप्रकाश साव ने विमोचित कृतियों के संदर्भ में कहा कि ये सभी किताबें बहुत महत्वपूर्ण हैं । उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा की समृद्धि के लिए कहानी, कविता और उपन्यास लेखन के साथ -साथ साहित्य की दूसरी विधाओं और कानून, विज्ञान, अर्थशास्त्र जैसे सभी विषयों में और पत्रकारिता के क्षेत्र में लेखन भी बहुत ज़रूरी है । श्री कुबेर द्वारा मैक्सिम गोर्की की कहानियों के छत्तीसगढ़ी अनुवाद Óबाज के गीत अउ दूसर कहानीÓ के महत्व को रेखांकित करते हुए डॉ. जयप्रकाश ने कहा कि यह कृति और श्री कुबेर सिंह द्वारा अनूदित अन्य कृतियाँ छत्तीसगढ़ी साहित्य की अनुवाद परम्परा में मील का पत्थर साबित होंगी । स्वर्गीय श्री यशवंत मेश्राम की कृतियों के बारे डॉ. जयप्रकाश ने कहा कि यशवंत मेश्राम एक प्रतिभा-संपन्न और सशक्त समालोचक के रूप में उभर रहे थे। उनकी विमोचित पुस्तकें Óकुबेर की रचनाओं में समकालीनता एवं समकालीन समीक्षा दृष्टिÓ व Óआलोचना का मापदंड – हत्याÓ को पढ़कर उनकी आलोचनात्मक प्रतिभा और दृष्टि को समझा जा सकता है।
इस अवसर पर श्री विनोद साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ी साहित्य में अपनी महान विभूतियों के व्यक्तित्व और कृतित्व पर शोध और लेखन की कोई विशेष परम्परा नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार उत्तर प्रदेश में प्रयागराज (इलाहाबाद )और मध्य प्रदेश में जबलपुर साहित्यिक और सांस्कृतिक केंद्र माना जाता है उसी प्रकार छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव भी देश का प्रमुख साहित्यिक और सांस्कृतिक केंद्र है। साहित्य एवं लोक कला की दृष्टि से राजनांदगांव अत्यंत समृद्ध है।श्री कुबेर द्वारा संकलित व संपादित, छत्तीसगढ़ के महान संगीतकार श्री खुमान लाल साव पर केंद्रित कृति Óस्मृतियों के सुवासित पुष्पÓ, इस दिशा में एक बड़ा काम है।
समारोह में श्री संजीव तिवारी ने विभिन्न संस्मरणों के द्वारा श्री खुमान लाल साव के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और कहा कि वे श्री कुबेर की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए अतिशीघ्र श्री खुमान साव पर केंद्रित दूसरी कृति प्रकाशित करेंगे। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. दादूलाल जोशी ÓफरहदÓ ने कहा कि स्व. श्री यशंवत मेश्राम की कृतियों को प्रकाशित करवाकर कुबेर ने अपनी मित्रता निभाई है। उन्होंने जिस ईमानदारी और कुशलता के साथ स्व. श्री यशंवत की किताबों का संपादन व प्रकाशन किया है वह प्रशंसनीय है।
ज्ञान दायिनी माँ शारदे की पूजा अर्चना के बाद साकेत साहित्य परिषद सुरगी के अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू ‘अंकुरÓ ने स्वागत भाषण दिया । प्रथम सत्र का संचालन परिषद के पूर्व अध्यक्ष लखन लाल साहू लहर ‘ ने किया। राज कुमार चौधरी ‘रौनाÓ ने आभार व्यक्त किया। द्वितीय सत्र में सरस कवि गोष्ठी का दौर चला । इसका संचालन रोशन लाल साहू ने किया ।
कार्यक्रम में कुबेर सिंह साहू,वीरेंद्र बहादुर सिंह, मुन्ना बाबू , दर्वेश आनंद, गजेन्द्र हरिहारनो दीप,वीरेन्द्र कुमार तिवारी वीरू, महेन्द्र कुमार बघेल मधु , लखन लाल साहू ‘लहरÓ , राजकुमार चौधरी रौना, डा. इकबाल खान, जितेन्द्र पटेल,डा. दीनदयाल साहू, डा. चंद्रशेखर शर्मा, पद्मलोचन शर्मा ‘मुंहफटÓ, अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा,गिरीश ठक्कर,सचिन निषाद ,अलखराम यादव ,नंदकुमार साहू नादान ,पवन यादव पहुना , फकीर प्रसाद साहू फक्कड़,थंगेश्वर कुमार साहू, अखिलेश तिवारी, डॉ . पदमा साहू पर्वणी,हर्षा देवांगन ,सुषमा शुक्ला, शन्तू राम गंजीर,डोहर दास साहू, गायत्री साहू शिवांगी,चंचल साहू ,रश्मि साहू, डॉ अमित कुमार गुप्ता, ए.के. द्विवेदी ,डी. आर.सिन्हा ,आनंद राम सार्वा, रोशन लाल साहू,रूपल साहू,आर . आर.पटेल ,शरद श्रीवास्तव, दूज राम साहू ,महदीप जंघेल , देवेश देवांगन,रूपेश कुमार देवांगन, पंकज यादव,पप्पू कलिहारी, घनश्याम कटपाल सहित बड़ी संख्या में राजनांदगाँव, बालोद, दुर्ग ,अम्बागढ़,चौकी-मोहला-मानपुर तथा खैरागढ-छुईखदान-गंडई़ जिले के साहित्यकार उपस्थित थे। अंत में साकेत साहित्य परिषद के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश साहू ÓअंकुरÓ ने प्रेस क्लब राजनांदगाँव के अध्यक्ष श्री सचिन अग्रहरि और समस्त पदाधिकारियों सहित आयोजन में उपस्थित सभी साहित्यकारों और साहित्य प्रेमी नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
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