मिल्कीपुर-अयोध्या 3 अप्रैल (आरएनएस)। अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन प्रथम योगिता कुमार की अदालत ने छ: लाख रुपये चेक बाउंस मामले में दोषी पाए जाने पर मनोजधर को एक वर्ष छ: माह के साधारण कारावास और दस लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। थाना कुमारगंज के बाजार निवासी विनय कुमार गुप्ता ने अपने अधिवक्ता सतीश पांडेय के माध्यम से अदालत में धारा 138 एनआई एक्ट के तहत परिवाद दाखिल किया। दायर परिवाद में परिवादी ने कहा गया है कि उन्होंने विपक्षी मनोज धर दुबे निवासी शिवनाथपुर थाना कुमारगंज को प्लॉट खरीदने हेतु 6 लाख रुपये बैंक खाते (आदित्य ट्रेडर्स) में दिए थे। आरोपी ने वादी को आश्वासन दिया था कि वह तय समय में प्लॉट का रजिस्ट्रेशन करा देगा। परंतु काफी समय बीतने के बाद भी मनोज धर दुबे ने न तो प्लॉट दिया और न ही पैसा लौटाया। जब वादी ने अपने रुपये की मांग की, तो आरोपी टालमटोल करता रहा। दबाव डालने पर सात जनवरी 2019 को धनराशि की वापसी का चेक दिया, परिवादी ने बैंक में 17 जनवरी 2019 और सात मार्च 2019 को दो बार बैंक में प्रस्तुत किया। खाते में धनराशि न होने के कारण दोनों बार चेक बाउंस हो गया। सभी पक्षों की दलीलों को सुनने और अभिलेखों की जांच के पश्चात अदालत ने 25 मार्च 2026 को आरोपी मनोज धर दुबे को दोषी करार देते हुए डेढ़ वर्ष के कारावास और छ: लाख रुपए चेक की धनराशि सहित 10 लाख रुपये अर्थदंड से दण्डित किया। जो बतौर क्षतिपूर्ति परिवादी को देय होंगे।
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