अजय दीक्षित
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर दिल्ली में 26 मार्च को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि ईरान अमेरिका युद्ध में पाकिस्तान दलाल की भूमिका निभा रहा है। एस जयशंकर की इस शब्दावली पर आपत्ति की गई या होसकती है मगर ये अलंकार सही लगता है पाकिस्तान पर । हालांकि ये खिचड़ी तब से पक रही जब पाकिस्तान सेना प्रमुख मुनीर खान को डॉनल्ड ट्रंप ने पहलगाम के बाद वाशिंगटन बुलाया था।
दरअसल पाकिस्तान की कलई खोली आज इजरायल ने जब ईरान स्थित पाकिस्तान दूतावास पर मिसाइल से दो हमले किए। इजरायल ने पाकिस्तान को दलाल भी घोषित किया। इजरायल किसी भी कीमत पर अब अमेरिका को युद्ध से एग्जिट होने नहीं देना चाहता जबकि डॉनल्ड ट्रंप एग्जिट होने को आतुर क्योंकि उनके देश में इस युद्ध की खिलापत हो रही है। ईरान की इस्लामिक रिवॉलनसरी गार्ड
नहीं चाहता कि युद्ध अमेरिका की शर्तों पर रुके वह आर पार के मूड में है क्योंकि 40 वर्ष से इस युद्ध की तैयारी कर रहा था।1979 से वह अमेरिका की किरकिरी बना हुआ था।
पूरे दक्षिण और मध्य पूर्व एशिया में ईरान अकेला गैर सुन्नी मुस्लिम देश है उनकी धार्मिक मान्यता अलग है।जबकि सबसे बड़ा और प्राकृतिक रूप धनी देश है ।यहां की फारस की खड़ी की सभ्यता इराक की तरह प्राचीन है।जबकि इस्लाम तो छठवीं सदी में स्थापित हुआ है।ईरान के मुस्लिम हजरत पैगंबर मोहम्मद साहब को अंतिम मैसेंजर नहीं मानते जबकि सुन्नी मुस्लिम देश कतर, यूएई कुवैत,तुर्की,इराक, मिश्र,पाकिस्तान,बांग्लादेश,बहरीन, सऊदी अरब,आदि सुन्नी देश है।यही भावना ईरान को अलग करती है।
इसीलिए पाकिस्तान,तुर्की जैसे देश की मध्यस्थता ईरान को स्वीकार नहीं है ।दूसरे ईरान चाहता है कि अमेरिका अपनी सेना ईरान की जमीन पर उतार दे ।बताते दस लाख इस्लामिक रिवॉलनसरी गार्ड अमेरिका की सेना की धज्जियां उड़ाते दिखे गे।आज तक जमीनी युद्ध में अमेरिका जीता ही नहीं।ईरान पर कई विकल्प हैं जैसे खाड़ी देशों के पेयजल प्लांट को तवाह करना तो अमेरिकी सेना संकट में फंस जाएगी । 6 अप्रैल के बाद वाशिंगटन क्या करेगा। पाकिस्तान तुर्की चाहते हैं कि ईरान समर्पण करदे मगर ईरान अमेरिका को सबक सिखाने वाला है।
पाकिस्तान तो भीखमंगा देश है उस के पास विदेशी मुद्रा भंडार नहीं है तो बढ़ती दाम पर तेल कैसे खरीदे गा। अमेरिका के सामने इस लिए दलाल की भूमिका में है कि किसी प्रकार डॉनल्ड ट्रंप मदद कर दे। पाकिस्तान की इस मुखबिरी से इजऱायल सख्त नाराज इसलिए उसने आज पाकिस्तान की ईरान स्थित दूतावास पर मिसाइल से हमला किया।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सही कहा कि भारत पाकिस्तान की तरह देश नहीं है जिसे कुछ लोग चला रहे हों
मजबूत लोकतांत्रिक देश है दलाल नहीं ।
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