वाशिंगटन ,04 अपै्रल ,। नासा के ऐतिहासिक चांद मिशन ‘आर्टेमिस-2Ó पर निकले अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष से हमारी धरती की बेहद खूबसूरत तस्वीरें भेजी हैं। करीब 50 साल बाद इंसानों को चांद की ओर ले जा रहे इस मिशन के दौरान जब यात्रियों ने पीछे मुड़कर देखा, तो वे अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। नासा ने शुक्रवार को चालक दल की तरफ से भेजी गई पहली तस्वीरें जारी कीं। इन्हें सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए नासा ने लिखा कि साल 1977 से लेकर अब तक बहुत कुछ बदल चुका है, लेकिन एक बात जो आज भी बिल्कुल वैसी ही है, वह यह है कि हमारी धरती अंतरिक्ष से आज भी उतनी ही चमकती हुई नजर आती है। पृथ्वी की इन मनमोहक तस्वीरों ने दुनिया भर के लोगों को हैरान कर दिया है।
खिड़की से दिखा अद्भुत नजारा, स्पेसक्राफ्ट में छा गई खामोशी
इस मिशन का नेतृत्व कर रहे कमांडर रीड वाइजमैन ने जो पहली तस्वीर खींची है, उसमें ओरियन कैप्सूल की खिड़की से पृथ्वी का एक मनमोहक घुमावदार हिस्सा नजर आ रहा है। वहीं, उनके द्वारा ली गई दूसरी तस्वीर में पूरी पृथ्वी दिखाई दे रही है, जिसमें नीले महासागर, सफेद बादलों की लहरें और यहां तक कि हरे रंग की ऑरोरा (उत्तरी रोशनी) भी अंतरिक्ष से चमकती हुई दिख रही है। कमांडर वाइजमैन ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि जब उन्होंने अपने कैप्सूल की खिड़की से पूरी पृथ्वी को एक साथ देखा, तो वह पल इतना अद्भुत था कि चारों अंतरिक्ष यात्री कुछ देर के लिए बिल्कुल चुप हो गए थे। उन्होंने इस अनुभव को अपनी जिंदगी के सबसे शानदार और भावुक कर देने वाले पलों में से एक बताया।
1.8 लाख किलोमीटर दूर पहुंचा कैप्सूल, एक फ्रेम में दिखी पूरी मानवता
नासा की अधिकारी लाकीशा हॉकिन्स ने इन तस्वीरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं कि इस एक तस्वीर में हमारे चार अंतरिक्ष यात्रियों को छोड़कर पूरी की पूरी मानवता समाई हुई है। उन्होंने बताया कि यह ऐतिहासिक मिशन पूरी तरह से सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। फिलहाल यह टीम पृथ्वी से करीब 1.8 लाख किलोमीटर दूर पहुंच चुकी है और तेजी से चांद की ओर बढ़ रही है। अभी इन यात्रियों को करीब 2.4 लाख किलोमीटर का सफर और तय करना है और अनुमान है कि वे सोमवार तक चांद की कक्षा के करीब पहुंच जाएंगे।
चांद पर नहीं उतरेंगे यात्री, परिक्रमा कर लेंगे सीधा यू-टर्न
आर्टेमिस-2 मिशन भविष्य की अंतरिक्ष उड़ानों के लिए कई मायनों में बेहद खास है। इस मिशन में तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं, जो अपने ओरियन कैप्सूल में सवार होकर चांद के चारों ओर चक्कर लगाएंगे। हालांकि, इस मिशन में ये अंतरिक्ष यात्री चांद की सतह पर कदम नहीं रखेंगे। उनका कैप्सूल चांद के चारों ओर घूमकर एक यू-टर्न लेगा और बिना उतरे सीधे वापस पृथ्वी की ओर लौट आएगा। नासा के इस कदम को भविष्य में इंसान को दोबारा चांद पर उतारने और वहां बेस बनाने की दिशा में एक बेहद अहम कड़ी माना जा रहा है।
00
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

