चेन्नई,05 अपै्रल (आरएनएस)। ईरान में फंसे 345 मछुआरों को बचाकर एक स्पेशल फ़्लाइट से चेन्नई लाया गया. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया और उनके अपने-अपने होमटाउन तक आगे की यात्रा में मदद की.
हजारों भारतीय मछुआरे ईरान में रहते हैं, जहाँ वे मछली पकडऩे का काम करते हैं. पिछले फरवरी के आखिर में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद ये भारतीय मछुआरे मुश्किल में पड़ गए. वे अपनी रोजी-रोटी नहीं चला पा रहे थे और भारत लौटने के लिए हवाई संपर्क भी नहीं था.
केंद्र और राज्य सरकारें उन सभी को सुरक्षित बचाने और भारत वापस लाने के लिए कदम उठा रही थी लेकिन, ईरान के अंदर हवाई यात्रा पूरी तरह से रोक दिए जाने के कारण बचाव अभियान में देरी हुई. इस मद्देनजर ईरान में फंसे मछुआरों को बचाने के लिए चरणबद्ध ऑपरेशन के पहले चरण के रूप में 345 भारतीय मछुआरों को ईरान से आर्मेनिया ले जाया गया और बाद में एक विशेष उड़ान के माध्यम से चेन्नई लाया गया.
चेन्नई हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शॉल देकर उनका स्वागत किया. विशेष उड़ान से आए 345 लोगों में से 327 तमिलनाडु के हैं. बाकी लोग केरल – 10 लोग, पुडुचेरी – 5 लोग, गुजरात -2 लोग, और ओडिशा -1 व्यक्ति राज्यों से हैं.
तमिलनाडु के 327 लोगों में से 175 कन्याकुमारी से हैं. तिरुनेलवेली के 80 लोग, रामनाथपुरम के 19 लोग, मयिलादुथुराई के 17 लोग, साथ ही नागाई, कुड्डालोर, विल्लुपुरम, चेन्नई और चेंगलपट्टू जि़लों के मछुआरों को छह स्पेशल बसों से उनके अपने-अपने होमटाउन भेजा गया.
इससे पहले मछुआरों का स्वागत करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संवाददाताओं से कहा, यह खुशी की बात है कि युद्ध से जूझ रहे ईरान में फंसे तमिलनाडु के मछुआरों को सुरक्षित तमिलनाडु वापस लाया गया है. ईरान में उन्हें बहुत मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा. उन्हें लगभग 20 घंटे का सफर करके आर्मेनिया पहुंचाकर भारत वापस लाने के तरीके अपनाए गए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गाइडेंस में और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की लीडरशिप में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने मछुआरों को सुरक्षित बचाने और वापस लाने के लिए दिन-रात बहुत मेहनत की. तमिलनाडु में हिंदी थोपने के आरोप पूरी तरह झूठे हैं. कोई भी कोई भाषा नहीं थोप रहा है. स्कूलों में तमिल भाषा सीखना जरूरी है. तीसरी भाषा चुनना स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स की मर्जी पर है. वे अपनी मजऱ्ी से कोई भी भाषा सीखने के लिए आजाद हैं.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं. तमिलनाडु के लोग ऐसी झूठी जानकारी पर यकीन नहीं करेंगे. ये आरोप इसलिए लगाए जा रहे हैं क्योंकि डीएमके को आने वाले विधानसभा चुनावों में हार का डर सताने लगा है.
तमिलनाडु के बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने कहा, ईरान में फंसे तमिलनाडु के 327 मछुआरों समेत कुल 345 लोगों को सुरक्षित बचाकर चेन्नई लाया गया है. हर व्यक्ति को तमिलनाडु वापस लाने में 93,000 रुपये का खर्च आया. फिर भी यहां के लोग हम पर ही दोष निकालेंगे.
चेन्नई पहुंचने पर मछुआरों ने कहा, पिछले महीने हमने ईरान में बहुत मुश्किलें झेलीं. हमने भारत सरकार से अपील की थी कि हमें बचाया जाए और हमारे देश वापस लाया जाए. हमने कभी सोचा भी नहीं था कि प्रधानमंत्री हमें बचाने और वापस लाने के लिए इतनी जल्दी एक्शन लेंगे. हम केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा करते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने और 300 लोगों को वापस लाने के लिए भी कदम उठाए हैं, और उन्हें भी जल्द ही भारत वापस लाया जाएगा.
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