सीएम ने कहा- यह चुनाव बंगाल के आत्मसम्मान से जुड़ा है
जगदीश यादव
मुर्शिदाबाद 5 अप्रैल (आरएनएस)। एक ओर जहां आज पीएम मोदी ने बंगाल के कूचबिहार में चुनावी सभा से विधानसभा चुनावों का शंखनाद किया और ममता सरकार पर ताबड़तोड़ जुबानी हमले किए। वहीं मुर्शिदाबाद जिले में में एक रैली को संबोधित करने के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वोटरों और बूथ एजेंटों से खास अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी लोग ईवीएम मशीन को ध्यान से जांचें और अपने वोट को लेकर पूरी तरह सतर्क रहें। सीएम ममता ने कहा, उन्होंने लिस्ट से कई नाम काट दिए हैं। कई लोग गुजर चुके हैं। अब बदला लेने का समय आ गया है। इसीलिए इस मुकाबले को ‘जबरदस्त लड़ाईÓ कहा जा रहा है। उनके लोग हर जगह हैं, लेकिन जनता हमारे साथ है। बैलेट बॉक्स के जरिए बदला लिया जाएगा। सीएम ममता ने चेतावनी दी, अगर कोई आपसे आपके बैंक अकाउंट की जानकारी मांगे, भले ही वे मेरा नाम लेकर मांगे तो उन्हें यह जानकारी न दें। भाजपा किसी बहाने से यह सब करवा रही है। वे आपकी जो भी थोड़ी-बहुत जमा-पूंजी है, उसे भी छीन लेंगे। आप किसी बाघ या शेर पर भरोसा कर सकते हैं, लेकिन भाजपा पर कभी भरोसा न करें; वे बेरहम ज़ुल्मी लोग हैं।
ममता ने ऐलान किया,मैं लोकतंत्र की सिपाही हूँ। मैं सबको साथ लेकर, मिल-जुलकर रहना चाहती हूँ। मेरी माताएं और बहनें मेरी साथी सिपाही हैं, मैं भाइयों से अपील करती हूँ कि वे मज़बूती से उनके साथ खड़े रहें।
सीएम उने फिर दोहराया कि वे खुद ही सभी 294 सीटों पर उम्मीदवार हैं। मुर्शिदाबाद के जियागंज में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता ने कहा, आप तृणमूल के जिस भी उम्मीदवार को वोट देंगे, वह वोट आखिर में मेरे ही खाते में जाएगा।
ममता ने उस हंगामे का भी जि़क्र किया, जिसने भवानीपुर में शुभेंदु अधिकारी के नामांकन-दाखिल करने वाले रोडशो को खराब कर दिया था—इस कार्यक्रम में अमित शाह भी मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मौके के लिए खास तौर पर बाहर से लोगों को बुलाया गया था। उन्होंने बताया, भवानीपुर में मेरे घर के ठीक बाहर हमला हुआ। उन्होंने मेरे पोस्टरों पर थूका और अभिषेक के घर की तरफ जूते-चप्पल दिखाए। यह स्थानीय लोग ही थे, जिन्होंने इस हरकत के खिलाफ आवाज़ उठाई। यह राजनीति नहीं है; उन्होंने तो सिफऱ् नामांकन दाखिल करने के लिए भी बाहर से लोगों को बुला लिया। ममता ने कहा, एक बार बेलूर मठ जाते समय, मैंने देखा कि परिसर के अंदर ही एक *दरगाह* (सूफी मजार) बनी हुई है। वह आज भी वैसी ही है, क्योंकि यह स्वामी विवेकानंद की दिली इच्छा थी। विवेकानंद खुद एक बार अल्पसंख्यक समुदाय के किसी व्यक्ति के घर गए थे और वहाँ उन्होंने तंबाकू का सेवन किया था। इसीलिए मैं आपसे गुज़ारिश करती हूँ: देश को—और खासकर बंगाल को—धर्म के नाम पर न बाँटें। मेरे अपने घर में भी काली पूजा मनाई जाती है; मैं तो किसी भी दूसरे धर्म का कभी भी अपमान नहीं करती। सिर्फ यही नहीं शमशेरगंज में पार्टी उम्मीदवार नूर आलम के समर्थन में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि पार्टी टिकट न मिलने के बाद मोनिरुल इस्लाम ने अपना नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनसे तुरंत नामांकन वापस लेने का आग्रह किया और कहा कि पार्टी लाइन के विरुद्ध चुनाव लडऩा अवज्ञा का कार्य माना जाएगा।
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