ऋषिकेश 5 अप्रैल (आरएनएस)। नेपालीफार्म में निर्माणाधीन पार्क का नाम उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी शहीद पार्क रखने की मांग को लेकर रविवार को महापंचायत हुई, जिसमें ऋषिकेश और आसपास क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग जुटे। उन्होंने पार्क में राज्य आंदोलन के दौरान शहीद आंदोलनकारियों की प्रतिमा स्थापित करने की मांग दोहराई। इस दौरान निर्माणाधीन पार्क में शहीद पार्क का बोर्ड भी लगाया गया। रविवार सुबह आयोजित महापंचायत में जिला पंचायत सदस्य विनीता रतूड़ी ने कहा कि सरकर को जनभावनाओं के अनुरूप कार्य करने की जरूरत है। राज्य के निर्माण के लिए प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों की ही प्रतिमा पार्क में स्थापित की जानी चाहिए। कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख बीना चौहान ने कहा कि उत्तराखंड में ही राज्य आंदोलन के शहीदों को उचित स्थान नहीं दिया जाएगा, तो कैसे उम्मीद की जा सकती है कि अन्य राज्यों में स्थानीय लोगों का सम्मान मिलेगा। प्रधान आशीष रांगड़ ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के उत्तराखंड के इतिहास को मिटाने का प्रयास कर रही है। केंद्रीय नेताओं को खुश करने के लिए उत्तराखंड के शहीदों का अपमान किया जा रहा है। महापंचायत में दो संकल्प पारित किए गए, जिनमें पहला पार्क का नाम उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी शहीद पार्क रखने और पार्क स्थल पर स्थापित पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा को अन्यत्र स्थानांतरित करना शामिल है। महापंचायत में सुधीर राय रावत की अगुवाई में निर्माणाधीन पार्क में शहीद पार्क का बोर्ड गाड़ा भी गया। मौके पर खैरीकलां प्रधान शबनम, प्रधान सविता शर्मा, चंद्रकांता बैलवाल, आशीष बिस्ट, अनिल पडिय़ार, अनीता खरोला, जगदम्बा रतूड़ी, गोकुल रमोला, धर्मेंद्र बेंदवाल, रवि राणा, सत्ये कपरूवाण, शांति प्रसाद थालियाल, विजपाल जेठूड़ी, सतीश रावत, राजपाल खरोला, जयेंद्र रमोला, भगवती प्रसाद सेमवाल, विजयपाल रावत, कृपाल सिंह सरोज, देव पोखरियाल, लालमणि रतूड़ी, दिनेश चंद्र मास्टर, हिमांशु रावत, जगमोहन, प्रमोद शर्मा, राहुल रावत, गौतम राणा, संजय सिल्सवाल आदि मौजूद रहे।
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