उत्तरकाशी 5 अप्रैल (आरएनएस)। चारधाम यात्रा में प्रशासन और मंदिर समितियों के लिए गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में गंगा-यमुना में चढ़ाए जाने वाले वस्त्रों से नदियों की स्वच्छता एक बड़ी चुनौती होगी। हालांकि गत वर्ष गंगोत्री में इन कपड़ों का प्रयोग बैग बनाने के लिए किया गया था। साथ ही यमुनोत्री में भी अभियान चलाया गया था। चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालु गंगा और यमुना नदी में साडिय़ां, वस्त्र और शृंगार सामग्री अर्पित करते हैं। गंगा विचार मंच और अन्य संगठनों की ओर से इस मुद्दे को उठाने के बाद शासन-प्रशासन हरकत में आया था। उसके बाद वर्ष 2023 से अभियान भी चलाया जाता है लेकिन हर वर्ष यह चुनौती बनता है। कि इसको लेकर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम मंदिर समितियों और तीर्थ पुरोहितों की ओर से भी कोई उचित कदम नहीं उठाया जाता है। वे घाटों पर पूजा करवाते समय स्वयं ही श्रद्धालुओं से कपड़ों को नदी में श्रद्धा के नाम पर अर्पित करवा देते हैं। साथ ही प्रशासन की ओर से भी इसको रोकने के लिए कोई ठोस योजना तैयार नहीं की गई है। ईओ नगर पंचायत गंगोत्री जयानंद सेमवाल का कहना है कि इस बार प्रयास किया जाएगा कि नदी में जाने वाले कपड़ों से वहीं पर बैग बनाकर गंगोत्री बाजार में ही उसका विक्रय करवाया जाएगा।
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