बिश्वनाथ,05 अपै्रल (आरएनएस)। असम में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों में सक्रिय हो गई हैं. सत्ताधारी और विपक्षी पार्टियां 126 विधानसभा सीटों पर प्रचार कर रही हैं. दूसरी सीटों की तरह बिश्वनाथ विधानसभा सीट पर भी प्रचार का माहौल बन गया है. इस बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा और जय भारत पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री बिश्वनाथ के धुली टी एस्टेट ग्राउंड में बिश्वनाथ विधानसभा सीट से झारखंड मुक्ति मोर्चा और जय भारत पार्टी के जॉइंट कैंडिडेट के लिए प्रचार करने पहुंचे. जहां झामुमो और जय भारत पार्टी की चुनावी रैली में शामिल होते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरकार पर मजदूरों को उनके हक से दूर रखने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि असम के लोगों ने मुझे अपना प्यार, स्नेह और आशीर्वाद दिया है. मुझे उम्मीद है कि असम के लोग आने वाले विधानसभा चुनावों में हमारे कैंडिडेट को वोट देंगे. सीएम हेमंत सोरेन ने बिश्वनाथ विधानसभा सीट के लोगों को समझाया कि भाजपा लंबे समय से चाय मजदूरों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल कर रही है.
झामुमो और जय भारत पार्टी के उम्मीदवार तिहारू गौड़ के लिए चुनाव प्रचार में उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी न्याय के लिए लड़ रहे हैं. हम आदिवासियों, दलितों और पिछड़े वर्गों के हक के लिए लड़ाई शुरू कर रहे हैं. लेकिन भाजपा इन लोगों पर ज़ुल्म और शोषण कर रही है. खासकर हमारे चाय मजदूरों को लंबे समय से 500 रुपये की मजदूरी दी जा रही है. इसलिए, हम अपने मजदूरों के अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं और भविष्य में किसी भी सरकार को ये अधिकार देने होंगे.
उन्होंने कहा कि हमारे वर्कर इतनी मेहनत करते हैं, लेकिन वे चाय वर्कर को सिर्फ 250/300 देते हैं. वर्कर को इस पैसे से क्या मिलेगा? अब वे पांच साल बाद चुनाव से ठीक पहले महिलाओं को 9,000 रुपये दे रहे हैं. मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि यह पैसा हर साल क्यों नहीं दिया जाता है.
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि आज मुझे असम में घरों में जाने का मौका मिला. मुझे आपकी तकलीफ सुनने का मौका मिला. मैं एक चाय वर्कर के घर गया और उनकी तकलीफ देखी. वे बिना बिजली के एक छोटे से कमरे में रह रहे हैं. जब से 2016 में भाजपा सरकार आई है, हर किसी को हर चीज के लिए लाइन में लगना पड़ता है. भाजपा के मुंह में राम का नाम है लेकिन वह पीछे से चुपके से वार करती है.
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