नईदिल्ली ,06 अपै्रल (आरएनएस)। अडाणी समूह को जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) के उस आदेश में दखल देने से मना कर दिया, जिसमें अडाणी की 14,535 करोड़ रुपये की बोली पर रोक लगाने से इनकार किया गया था। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि मॉनिटरिंग कमेटी बिना मंजूरी के कोई बड़ा फैसला नहीं ले सकती और सभी पक्षों को नियमों का पालन करना होगा।
यह मामला जेएएल की दिवालिया प्रक्रिया से जुड़ा है। इस प्रक्रिया में वेदांता और अडाणी एंटरप्राइजेज दोनों ने बोली लगाई थी, लेकिन लेंडर्स ने अडाणी समूह के प्लान को मंजूरी दे दी, जिसे बाद में एनसीएलएटी ने भी स्वीकार कर लिया। इसके बाद वेदांता ने इस फैसले को चुनौती दी और कहा कि पूरी प्रक्रिया में कई खामियां हैं, जिस पर अब सुनवाई जारी है और सभी पक्ष अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी पक्ष अपनी दलीलें एनसीएलएटी के सामने रखें, जहां 10 अप्रैल से इस मामले की अंतिम सुनवाई शुरू होगी। कोर्ट ने ट्रिब्यूनल से यह भी कहा कि इस विवाद को जल्दी सुलझाया जाए। इसके साथ ही, कोर्ट ने साफ किया कि प्रक्रिया के दौरान कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले संबंधित मंजूरी जरूरी होगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी पक्ष को नुकसान न हो।
अब इस मामले में आगे की सुनवाई एनसीएलएटी में होगी, जहां वेदांता और अडाणी दोनों अपनी-अपनी दलीलें पेश करेंगे। वेदांता ने दो अलग-अलग अपीलें दाखिल की हैं, जिनमें प्लान की वैधता और मंजूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। इस फैसले से साफ है कि फिलहाल अडाणी के प्लान पर रोक नहीं लगेगी, लेकिन अंतिम फैसला आने तक मामला पूरी तरह से खुला रहेगा और सभी पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी।
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