अजय दीक्षित
भारत दक्षिण में अरब सागर और हिन्दमहासगर को मिलाने वाले राज्य तमिलनाडु में 23 अप्रैल को विधानसभा चुनाव है।234 सदस्यीय विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके और स्व जयललिता की एआईडीएमके के बीच है।इस बार एआईडीएमके एनडीए के घटक बनकर, भारतीय जनता पार्टी के साथ चुनाव लड़ रही है। भारतीय जनता पार्टी को 27 सीट पर चुनाव लडऩा है।वही अभिनेता विजय की पार्टी एमडीएम अलग से सभी सीट पर चुनाव मैदान में है।
तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी के लिए अभी भी दूर की कौड़ी है। यद्यपि उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन यही से आते हैं वे कोयम्बतूर से दो बार 1998,99 में सांसद निर्वाचित हुए थे।2014 में एक राधाकृष्णन भी कन्याकुमारी से सांसद रहे हैं। लेकिन विधानसभा चुनाव में खाता नहीं खुला है।केरल की तरह यहां पर भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्य है।
अगर इस बार के विधानसभा चुनाव की बात करे तो स्टालिन के साथ दस वर्ष की सत्ता विरोधी लहर है लेकिन स्टालिन अभी भी सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। एआईडीएमके में कोई विशेष नेता नहीं है यद्यपि पनीर स्वामी, पानीसेलवम दोनों दावेदारी कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि हम दोनों को स्वीकार करेंगे।
1966 से भाषाई आधार पर राज्यों के गठन में तमिल भाषा बोल ने वाले क्षेत्र को तमिलनाडु राज्य बनाया गया। इससे मद्रास प्रेसीडेंसी के सभी भाग समाहित किए गए। तत्कालीन समय में कांग्रेस के दिग्गज नेता कामराज नाडार मुख्यमंत्री बने लेकिन पेरियार नामक संत ने डीएमके की हिंदी भाषा के विरोध में राजनीत शुरू की। पेरियार के शिष्य अन्नादुरई ने डीएमके यानि द्रविड़ मुनेत्र कडग़म,ये शब्द तमिल भाषा से लिया गया है। इसका अर्थ है कि तमिलनाडु राज्य आंदोलन जो पेरियार ने शुरू किया था।दरअसल तमिलनाडु भारत का एक ऐसा राज्य है जो दक्षिण भारत का लीडर है।तमिल ,तेलगु, मलयालम, और कन्नड़ ये ऐसी भाषाएं हैं जो संस्कृत से बनी यद्यपि इनकी लिपि देवनागरी नहीं है लेकिन संस्कृत ही त्रेता युग से जुड़ी है। तमिल नाडु में रामेश्वरम है जहां भगवान शिव पधारे हैं कहते हैं कि रामेश्वरम में भगवान श्री राम ने रावण को हराने के लिए यज्ञ किया था और शिव लिंग की स्थापना की थी , तमिलनाडु में ही मीनाक्षीपुरम मंदिर है जहां भगवान् विष्णु लक्ष्मी माता के साथ बिराजी है।
डीएमके के लोग कवि त्रिबल्लूर को मानते हैं।डीएमके के प्रमुख रहे स्व करुणानिधि हिंदू देवी देवताओं को नहीं मानते थे।वे राज्य के जीवन में कई बार मुख्यमंत्री रहे अब उनके पुत्र स्टालिन मुख्यमंत्री है । करुणानिधि ने पेरियार के हिन्दी भाषा विरोध को कायम रखा।अब स्टालिन भी उन्हीं के पद चिन्हों पर है । स्व करुणानिधि से अलग होकर सिने अभिनेता एम जी रामचंद्रन ने एआईडीएमके बनाई वे कई बार मुख्यमंत्री रहे उनके बाद बिरसात में जयललिता मुख्यमंत्री बनी।वे तमिलनाडु की जन नेता थी। लेकिन 2021 में स्टालिन मुख्यमंत्री बने ।2026 विधानसभा चुनाव में डीएमके तमिल भावनाओं को लेकर चुनाव में है ।जबकि एआईडीएमके एनडीए से मिलकर महंगाई, भ्रष्टाचार,को मुद्दे पर चुनाव मैदान में है।
भारतीय जनता पार्टी अभी जल्दी में नहीं है वह अभी कोई अपना लीडर तलाश रही है। हालांकि 27 सीट पर चुनाव मैदान में है क्योंकि एआईडीएमके के साथ है।
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