अनियमित पदोन्नति के प्रथम आपत्तिकर्ता अपर निदेशक वित्त के जांच आख्या पर क्यों नहीं है हस्ताक्षर?
सुल्तानपुर 7 अप्रैल (आरएनएस )। केएनआईटी, सुल्तानपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के पद पर नियम विरुद्ध पदोन्नति से करोड़ों रुपए की वित्तीय क्षति होगी। शिकायत कर्ता ने बताया कि इस अनियमित पदोन्नति के मुख्य सूत्रधार निदेशक राजीव उपाध्याय हैं।
अपर निदेशक कोषागार/पेंशन, अयोध्या नामित वित्त सचिव ने प्रशासनिक परिषद की 62वीं कार्यवृत्ति के द्वारा 7 वर्ष के अंदर पीएचडी न होने पर इंक्रीमेंट न रोकने एवं बिना पीएचडी प्रमोशन के संबंध में आपत्ति दर्ज कराई थी। जिसके क्रम में कैस के अंतर्गत हुई पदोन्नति का पूरा परीक्षण कराए जाने हेतु प्रशासनिक परिषद ने एक जांच समिति का गठन किया था। समिति की जांच आख्या पर समिति सचिव वित्त (62वीं प्रशासनिक परिषद द्वारा अनियमित पदोन्नति पर आपत्ति करने वाले अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन, अयोध्या) के हस्ताक्षर नहीं है। जो आपत्तिकर्ता के साथ-साथ समिति की सदस्य भी थे। जिससे प्रथम दृष्टि में पता चल रहा है कि जो पदोन्नति होने जा रही वह संदिग्ध है।
शासनादेश एवं माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों के विपरीत केएनआईटी के निदेशक ने समिति की अपूर्ण रिपोर्ट को 63 वीं प्रशासनिक परिषद के मिनट पर अनुमोदित करा कर पदोन्नति की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी। उक्त प्रकरण पूर्व की कई प्रशासनिक परिषद की बैठक में निरस्त किया जा चुका है। केएनआईटी के निदेशक के द्वारा संस्थान के पूर्व निदेशक के आदेश सख्या -141/3/274/2006 दिनाक 17:06:2006 का भी अनुपालन नहीं किया जा रहा, जिसके द्वारा सात वर्ष के अंदर पीएचडी न करने पर दिया गया पदनाम निरस्त करने का आदेश दिया गया है और प्राविधिक शिक्षा-अनुभाग 1 के शासनादेश दिनांक 05-11-2018 द्वारा पीएचडी न करने तक वेतन वद्धि रोकने का आदेश दिया गया था तथा निदेशक, केएनआईटी द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश (स्पेशल लीव पेटिशन सिविल डायरी नंबर 1917/2021) का अनुपालन नहीं जा रहा है। केएनआईटी के वेतन का आहरण वितरण जिलाधिकारी सुल्तानपुर के डीडीओ कोड से होता है। अनियमित भुगतान न हो पाए इसके लिए जिलाधिकारी महोदय को सजग रहना होगा।
देखना यह है कि जिलाधिकारी, सुल्तानपुर द्वारा शासनादेश की विपरीत हो रही पदोन्नति पर क्या कार्यवाही करते हैं? पदोन्नति के प्रकरण को अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन, अयोध्या के स्पष्ट मार्गदर्शन बाद ही भुगतान की कार्यवाही किया जाना ही उचित होगा। केएनआईटी डायरेक्टर ने बताया कि यह संस्थान का आंतरिक मामला है अभी पदोन्नति हुई नहीं है। जांच समिति की आख्या पर अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन, अयोध्या के हस्ताक्षर है। जो हो रहा है शासन के संज्ञान में है।
‘मिशन शक्तिÓ कार्यक्रम आयोजित, महिलाओं की सुरक्षा व सशक्तिकरण पर दिया जोर
सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के ‘मिशन शक्तिÓ अभियान के तहत मंगलवार को सुल्तानपुर के पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक राज प्रसाद उपाध्याय भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार की अधिकांश योजनाएं महिलाओं, बेटियों और माताओं को केंद्र में रखकर बनाई गई हैं। ‘नारी सम्मान मिशन शक्तिÓ के माध्यम से महिलाओं को समाज में उनका उचित स्थान दिलाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। विधायक ने कानून व्यवस्था को लेकर कहा कि उत्तर प्रदेश में अब कानून का राज स्थापित हुआ है, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। उन्होंने बताया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों पर पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है और कई मामलों में दोषियों को जेल व आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है।
पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले महिलाओं को वह महत्व नहीं मिलता था, जो अब मिल रहा है। वर्तमान सरकार में महिलाएं प्राथमिकता के केंद्र में हैं। मीडिया द्वारा चुनावी वादों जैसे 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा और ‘पिंक टॉयलेटÓ की प्रगति पर सवाल पूछे जाने पर विधायक ने कहा कि कुछ योजनाओं पर काम जारी है। ‘पिंक टॉयलेटÓ के संबंध में उन्होंने कहा कि पूरी जानकारी लेने के बाद ही स्थिति स्पष्ट करेंगे। विधायक ने अपने क्षेत्र में विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि हर घर में शौचालय निर्माण तेजी से कराया गया है। इसके लिए सरकार द्वारा ?6000 की प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जा रही है।
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