जौनपुर 8 अप्रैल (आरएनएस ) । एक अदालत ने सराफा व्यवसायी रविंद्र मौर्यो की हत्या के मामले में फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र प्रताप यादव ने दोषी संध्या मौर्या, भैयालाल और सूरज कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने साक्ष्य छिपाने के आरोप में प्रत्येक दोषी पर 35 हजार रुपये, कुल 1.05 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार हैदरपुर निवासी रविंद्र मौर्या फेरी लगाकर जेवर बेचने का काम करते थे। 18 अगस्त 2020 को रामपुर डेरवा निवासी संध्या मौर्या ने पायल खरीदने के बहाने उन्हें अपने घर बुलाया था। जब रविंद्र रात भर घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। संध्या के घर पहुंचने पर परिजनों को शक हुआ, क्योंकि उन्होंने देखा कि घर की नाली से खून बह रहा है। खून के निशानों का पीछा करते हुए परिजन पास के एक कुएं तक पहुंचे, जहां रविंद्र का शव बरामद हुआ।विवेचना के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी संध्या, भैयालाल और सूरज कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल रॉड, मृतक की साइकिल और लूटे गए चांदी के जेवर बरामद किए गए। पुलिस ने ठोस साक्ष्यों के साथ चार्जशीट दाखिल की, जिसके आधार पर न्यायालय ने तीनों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई।
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