ई-संजीवनी से बदलेगी तस्वीर, एआई टेक्नोलॉजी से हाईटेक होगा झारखंड का हेल्थ सिस्टम
747 ‘अबुआ मेडिकल स्टोरÓ और नई ब्लड पॉलिसी—स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार का बड़ा प्लान
डॉक्टरों को सख्त संदेश: मरीजों से रखें बेहतर व्यवहार, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
कभी भी हो सकता है औचक निरीक्षण—स्वास्थ्य मंत्री का सख्त संदेश
टेलीमेडिसिन बना गरीबों का सहारा—दूरदराज तक पहुंचेगी बेहतर इलाज की सुविधा
ब्लड की कमी खत्म करने की तैयारी—नई पॉलिसी और टोल-फ्री नंबर जल्द
रांची 8 अप्रैल (आरएनएस)। नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान में ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन विषय पर राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार जल्द ही सभी पंचायतों में ‘हेल्थ कॉटेजÓ स्थापित करने जा रही है, जहां इलाज के साथ-साथ स्वास्थ्य के अनुकूल वातावरण भी उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यशाला में राज्यभर के सिविल सर्जन, ई-संजीवनी टेलीमानस के प्रतिनिधि सहित कई स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री, राजमहल के सांसद विजय हांसदा एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा द्वारा ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन की प्रोटोकॉल गाइडलाइंस का अनावरण किया गया। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले 13 डॉक्टरों एवं 12 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (ष्ट॥ह्र) को सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अंसारी ने कहा कि कोविड जैसे कठिन समय में जब लोग एक-दूसरे से दूर हो रहे थे, उस समय ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन ने लोगों को जोड़ा। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों के साथ उनका व्यवहार सहज, सरल और संवेदनशील होना चाहिए, ताकि मरीज अपनी समस्या खुलकर साझा कर सकें। उन्होंने कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में अत्याधुनिक और एआई आधारित तकनीकों को शामिल कर व्यापक सुधार लाया जाएगा। इसके लिए सभी स्वास्थ्यकर्मियों के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने सिविल सर्जनों से निर्भीक होकर कार्य करने का आह्वान करते हुए मरीजों एवं जनप्रतिनिधियों के प्रति संवेदनशील रहने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एक चिकित्सक के रूप में हम सभी बिना किसी भेदभाव के सेवा करने की शपथ लेते हैं। चिकित्सा सेवा का क्षेत्र है, जहां मानवता सर्वोपरि होनी चाहिए। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र ही एक सशक्त मॉनिटरिंग सेल स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां अच्छे कार्यों को प्रोत्साहन मिलेगा, वहीं लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु नई नीति लागू की जाएगी। इसके तहत एजेंसी के माध्यम से रक्त उपलब्ध कराया जाएगा तथा आम जनता की सुविधा के लिए टोल-फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा।
राज्य में ‘अबुआ मेडिकल स्टोरÓ के माध्यम से लोगों को दवाएं सुलभ कराई जाएंगी। यहां दवाओं के उपयोग, साइड इफेक्ट और सेवन विधि की जानकारी भी सरल भाषा में दी जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य में 747 अबुआ मेडिकल स्टोर खोलने की प्रक्रिया जारी है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी स्वास्थ्य संस्थान का कभी भी औचक निरीक्षण कर सकते हैं। इसका उद्देश्य किसी को भयभीत करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार लाना है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन भ्रम और गलत इलाज से बचाने में अत्यंत प्रभावी है। उन्होंने बेहतर कार्य कर रहे डॉक्टरों से अन्य चिकित्सकों को प्रेरणा लेने की अपील की, ताकि दूरदराज क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें। कार्यक्रम में सीएपीएचसी (आम) के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. मुकेश मिश्रा ने विषय प्रवेश कराया तथा विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए।
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