केंद्र की राशि में देरी और कटौती से बाधित हो रहा विकास, भाजपा पर गंभीर आरोप : आलोक कुमार दूबे
संघीय ढांचे के खिलाफ काम कर रही केंद्र सरकार, गैर-भाजपा राज्यों के साथ भेदभाव : डॉ राजेश गुप्ता महासचिव झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी
रांची 8 अप्रैल (आरएनएस)। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा के दावों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को मिलने वाली राशि कोई एहसान नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने भाजपा पर एहसान जताने की राजनीति करने का आरोप लगाया। दूबे ने कहा कि वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत राज्यों को केंद्र के करों में लगभग 41त्न तक हिस्सेदारी मिलती है, जो पूरी तरह से संवैधानिक प्रावधान है। इसके अलावा मनरेगा, पीएम आवास योजना (ग्रामीण), 15वें वित्त आयोग अनुदान और पंचायत राज संस्थाओं को मिलने वाले फंड भी तय नियमों और प्रक्रियाओं के तहत जारी किए जाते हैं। ऐसे में भाजपा का इसे अपनी उपलब्धि बताना जनता को गुमराह करने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को भेजी जाने वाली राशि को या तो विलंब से जारी किया जाता है, या उसमें कटौती की जाती है, अथवा समय पर उपलब्ध नहीं कराया जाता, जिससे राज्य सरकारों की विकास योजनाएं प्रभावित होती हैं और उनके क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न होती है।
दूबे ने कहा कि विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में केंद्र और राज्य सरकार—दोनों की समान और महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में भाजपा नेताओं को यह समझना चाहिए कि सहयोगात्मक संघवाद (ष्टशशश्चद्गह्म्ड्डह्लद्ब1द्ग स्नद्गस्रद्गह्म्ड्डद्यद्बह्यद्व) ही देश के संतुलित विकास का आधार है। उन्होंने भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भानू प्रताप शाही पर तंज कसते हुए कहा कि अगर भाजपा को विकास की इतनी ही चिंता है तो “मिस्ड कॉल” के जरिए सदस्य बनाने की बजाय अपने कार्यकर्ताओं से ही पंचायतों का विक आलोक कुमार दुबे ने कहा की विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में केंद्र और राज्य सरकार दोनों की समान और महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में भाजपा नेताओं को यह समझना चाहिए कि सहयोगात्मक संघवाद ही देश के संतुलित विकास का आधार है। उन्होंने भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही पर तंज करते हुए कहा कि अगर भाजपा को विकास की इतनी ही चिंता है तो मिस्ड कॉल के जरिए सदस्य बनाने की बजाय अपने कार्यकर्ताओं से ही पंचायतों का विकास करवा ले। प्रदेश कांग्रेस महासचिव डॉ राजेश गुप्ता ने कहा केंद्र सरकार गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाती है, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित होती है। उन्होंने सवाल उठाया की क्या भाजपा शासित राज्यों में भी इसी प्रकार की देरी या कटौती की जाती है या यह रवैया सिर्फ विपक्ष शासित राज्यों के लिए है। उन्होंने कहा कि गांवों और पंचायतों को उनका अधिकार देना कोई उपकार नहीं, बल्कि सरकार की जिम्मेदारी है। झारखंड जैसे राज्य को हर वर्ष हजारों करोड़ रुपये विभिन्न केंद्रीय योजनाओं और टैक्स शेयरिंग के माध्यम से मिलते हैं, जो सीधे तौर पर विकास कार्यों में खर्च होते हैं इसे राजनीतिक प्रचार का माध्यम बनाना संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ है। अंत में डॉ राजेश गुप्ता ने कहा कि देश की जनता अब जागरुक है और एहसान जताने की राजनीति को भली भांति समझती है। भाजपा को चाहिए कि वह प्रचार से बाहर निकाल कर वास्तविक विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित करे।
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