० शासन की पुनर्वास नीति बनी अनिशा वर्मा के लिए नई उम्मीद
सुकमा, 08 अप्रैल (आरएनएस)। नक्सल प्रभावित इलाकों में वर्षों से भय, हिंसा और असुरक्षा के बीच जीवन बिताने को मजबूर कई परिवारों के लिए अब शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं आशा की किरण बनकर सामने आ रही हैं। सुकमा जिले के केरलापाल क्षेत्र की निवासी अनिशा वर्मा की कहानी इसी बदलाव की सशक्त मिसाल है, जहां कलेक्टर अमित कुमार और जिला सीईओ मुकुंद ठाकुर के संवेदनशील पहल ने एक पीडि़त परिवार को फिर से सम्मान और सुरक्षा का जीवन प्रदान किया है।
साल 2017: जब उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार
वर्ष 2017 अनिशा वर्मा के जीवन का सबसे दर्दनाक अध्याय बनकर आया। नक्सलियों ने मुखबिरी के झूठे शक में उनके पुत्र करण वर्मा की कोयाबेकुर चौक पर गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे परिवार को मानसिक सदमे में डाल दिया और भय का ऐसा माहौल बना कि वर्षों तक यह परिवार एक कच्चे मकान में असुरक्षा के बीच जीवन जीने को मजबूर रहा।
शासन की संवेदनशील पहल: विशेष परियोजना से मिला पक्का आवास
पीडि़त परिवार की स्थिति को देखते हुए शासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत विशेष परियोजना के तहत वर्ष 2024 में अनिशा वर्मा (पति संजय वर्मा) के नाम से आवास स्वीकृत किया गया। शासन द्वारा 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे आज अनिशा वर्मा का परिवार एक सुरक्षित, मजबूत और सम्मानजनक पक्के मकान में रह रहा है।
लाभार्थी की भावुक प्रतिक्रिया
अनिशा वर्मा ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहले हम हमेशा डर के माहौल में रहते थे, लेकिन अब अपने घर में सुरक्षित महसूस करते हैं। अब चैन से सो पाते हैं। मैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का हृदय से आभारी हूँ।
कच्चे मकान से पक्के घर तक: बदलाव की तस्वीरें बनीं गवाह
इस योजना से पहले अनिशा वर्मा का परिवार एक जर्जर कच्चे मकान में रह रहा था, जहां हर मौसम में खतरा बना रहता था। आज उनके पास नीला-सफेद रंग का मजबूत पक्का घर है, जो सुरक्षा, आत्मसम्मान और स्थायित्व का प्रतीक बन गया है। दस्तावेजों में संलग्न तस्वीरें इस परिवर्तन की सजीव गवाही देती हैं।
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