ऋषिकेश,08 अपै्रल (आरएनएस)। फ्रांस से आए 12 सदस्यीय दल ने ऋषिकेश में गंगा आरती की। दल के सदस्यों ने परमार्थ निकेतन में चलने वाली तमाम अध्यात्मिक गतिविधियों को देखा और समझा। बुधवार को परमार्थ निकेतन में फ्रांस का 12 सदस्यीय दल पहुंचा। दल ने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती से आशीर्वाद लिया। सभी ने स्वामी चिदानंद के सानिध्य में गंगा आरती की। स्वामी चिदानंद ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा वसुधैव कुटुम्बकम् के सिद्धांतों पर आधारित है, जहां सम्पूर्ण विश्व एक परिवार है। भारत की धरोहर योग सम्पूर्ण मानवता के लिए एक उपहार है, जो शरीर, मन और आत्मा को जोडऩे का कार्य करती है। कहा आज के समय में जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग, ध्यान और आध्यात्मिकता ही वह मार्ग हैं, जो हमें शांति, संतुलन और स्थिरता प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने सभी साधकों से अपने देश लौटकर वसुधैव कुटुम्बकम् के मूल्यों को अपनाने और अधिक से अधिक लोगों तक इसका संदेश पहुंचाने की अपील की। इस दौरान फ्रांस के साधकों ने परमार्थ निकेतन आश्रम में संचालित हवन, ध्यान गतिविधियां सहित अन्य अध्यात्मिक गतिविधियों का अवलोकन किया और अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया।
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