ऋषिकेश,08 अपै्रल (आरएनएस)। मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर सुसवा नदी की बदहाली की पोल खोल दी है। बारिश के बाद नदी में अचानक भारी मात्रा में काला और दुर्गंधयुक्त पानी बहने लगा, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी रोष है। सुसवा नदी में देहरादून शहर की गंदगी गिरती है। नगर के नालों और औद्योगिक इकाइयों का शोधित-अशोधित कचरा सीधे इस नदी में प्रवाहित हो रहा है। चिंताजनक पहलू यह है कि सुसवा नदी आगे जाकर हरिद्वार में पतित पावनी गंगा में मिल जाती हैं, जिससे गंगा का जल भी प्रदूषित हो रहा है। धार्मिक और पर्यावरणीय दृष्टि से यह स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। सिमलास ग्रांट के पूर्व प्रधान उमेद बोरा ने इस समस्या पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि सुसवा नदी का काला पानी न केवल जलीय जीवों के लिए काल बन रहा है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में बीमारियों का खतरा भी बढ़ा रहा है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से नदी में गिरने वाले नालों पर तत्काल प्रभावी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने, नदी को स्वच्छ करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने की मांग की।
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