हरिद्वार,08 अपै्रल (आरएनएस)। अमेरिकी बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कंपनी और दुनिया का सबसे लोकप्रिय सर्च इंजन गूगल ने एविडेंस बेस्ड डेटा के लिए पतंजलि से संपर्क किया है। पतंजलि के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने बुधवार को बताया कि गूगल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग के लिए पतंजलि का संग्रहित साक्ष्य आधारित डेटा मांग रहा है। बताया कि यह केवल एक सहयोग नहीं, बल्कि यह संकेत है कि भारत का पारंपरिक ज्ञान अब वैश्विक टेक्नोलॉजी के केंद्र में पहुंच चुका है। गूगल ने 1.25 लाख पृष्ठ और 109 खंड के विश्व भेषज संहिता के डेटा की मांग पतंजलि से की है। गूगल जैसी टेक संस्था का पतंजलि के डेटा पर भरोसा करना सभी भारतीयों के लिए गौरव की बात है। जहां वैश्विक संस्थाएं सीमाओं में बंध गईं, वहां भारतीय परंपरा, तपस्या और वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने मिलकर एक ऐसा इतिहास रचा, जिसे अब दुनिया न केवल पढ़ रही है, बल्कि उससे सीख भी रही है। विश्व भेषज संहिता इस बात का प्रमाण है कि जब संकल्प अडिग हो तो अधूरी कहानियां भी इतिहास बन जाती हैं। बताया कि दो दशकों की मेहनत के बाद 3.60 लाख पौधों में 50 हजार औषधीय पौधों की पहचान की गई। 2000 से अधिक जनजातियों के पारंपरिक ज्ञान का दस्तावेजीकरण किया गया। 964 हीलिंग प्रैक्टिसेस का संकलन, नौ से अधिक चिकित्सा पद्धतियों का समावेश, 12 लाख से अधिक स्थानीय नामों का संग्रह और 2200 से अधिक स्रोतों पर आधारित शोध को समेटकर विश्व भेषज संहिता तैयार हुआ। पतंजलि इस तरह के ज्ञान पर बीते कुछ समय से बहुत काम कर रहा है।
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