० पांडूचेरी, केरल और असम में एक चरण में हो गया मतदान
० पश्चिम बंगाल में 23 और 29 को होगा मतदान
रायपुर, 09 अप्रैल (आरएनएस)। असम पांडूचेरी केरलम में मतदान के पश्चात अब छत्तीसगढ़ आईएएस पर्यवेक्षक एवं प्रचार में लगे नेता लौटने लगे है। अब इन पर्यवेक्षकों को मतदान के दिन चार मई के पूर्व जाना होगा। ताकि आयोग के अनुसार स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की घोषणा की जा सके।
मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के महानदी मुख्यालय से करीब 25 से अधिक आईएएस अधिकारियों को केरल असम पांडूचेरी में चुनाव पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया है। यहां पर इन पर्यवेक्षकों का काम नामांकन पत्रों की छटाई नियम विरुद्ध चुनाव प्रचार रोकना तथा आयोग के मापदंड के अनुसार कार्रवाई करना है। बताया जाता है कि इस समय पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर घमासान मचा हुआ है। इसके चलते आयोग ने वहां पर बड़ी संख्या में पर्यवेक्षक भेजे है ताकि आयोग पर कोई आरोग नहीं लगाया जा सके। स्थानीय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार आज मतदान होने के पश्चात अधिकारी मतपेटियों को जमा करने के बाद लौट जाएंगे। इसके अलावा जिन नेताओं को पश्चिम बंगाल भेजा गया है उनमें अरूण साव ओपी चौधरी, विजय शर्मा, मोतीलाल साहू, संगठन मंत्री सहित अन्य पदाधिकारी भी लौटने वाले है। यहां पर 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है।
हावड़ा जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की भीड़
पश्चिम बंगाल में चुनाव होने के कारण इस समय हावड़ा जाने वाली ज्ञानेश्वरी मेल एक्सप्रेस, शालिमार एक्सप्रेस में यात्रियों की भीड़ बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि वे वहां पर मतदान करने जा रहे है। ज्ञात रहे पश्चिम बंगाल एसआईआर के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं का नाम कट गये है। इस समय भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है।
आर शर्मा
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