0 टेंडर की प्रक्रिया पूरी, हर साल करोड़ों रुपये का व्यवसाय
0 मई से तेंदूपत्ता तोड़ाई का कार्य होगा शुरू
रायपुर, 09 अप्रैल (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के तेंदूपत्ता की मांग उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल व आंध्रप्रदेश में भी है। यहां की फ र्म धमतरी के तेंदूपत्ता की खरीदी करेंगी। यहां 26 हजार 800 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य है। संग्रहण के बाद इन राज्यों की फर्म तेंदूपत्ता खरीदकर ले जाएंगी। इसके लिए शासन से टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
धमतरी के जबर्रा, मारागांव, सिंगपुर, बरबांधा, डोकाल और चनागांव के तेंदूपत्ता को उच्चक्वॉलिटी का माना जाता है। यहां से हर साल करोड़ों रुपये के तेंदूपत्ता का व्यवसाय होता है। वन विभाग के अनुसार बूटा कटाई का कार्य कर लिया गया है। एक मई से जिले में तेंदूपत्ता तोड़ाई का कार्य शुरू हो जाएगा। इसके लिए रूप-रेखा बना ली गई है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस साल जिले में 26,800 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है। 27 समितियों के 27 हजार 872 संग्राहक इसे संग्रहित करेंगे। इसके बाद संग्रहित तेंदूपत्ता को छत्तीसगढ़ के अलावा उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और आंध्रप्रदेश की फ र्म खरीदी करेंगी। इसके लिए बकायदा टेंडर पास भी हो चुका है और फ र्मों ने 10 प्रतिशत राशि शासन के मद में जमा भी करा दी है। पिछले साल छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को 20 करोड़ तीन लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इसमें से 13 करोड़ की राशि संग्राहकों को वितरित किया गया था।
बेमौसम बारिश का मंडराता रहता है खतरा
तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए तोड़ाई का कार्य जैसे ही अंचल में शुरू होता है, तो बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा खतरा मंडराता रहता है। बारिश होती है, तो तोड़ाई का कार्य प्रभावित हो जाता है। सूखाने में दिक्कतें होती हैं। इसलिए तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य पिछड़ जाता है।
तीन-चार सालों से लक्ष्य की पूर्ति नहीं हो पा रही
राज्य में पिछले तीन-चार सालों से लक्ष्य की पूर्ति नहीं हो पा रही है, इसका मुख्य कारण मुख्य सीजन में बेमौसम बारिश का होना है। डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव ने बताया कि जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। धमतरी जिले के तेंदूपत्ता की मांग देश के कई अन्य प्रदेशों में बना रहती है।
एसएस
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