नई दिल्ली 09 April, (Rns)- दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने आईटीओ स्थित स्टेट जीएसटी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। वहां कई बड़े-छोटे अधिकारी अनुपस्थित मिले। मुख्यमंत्री ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार लापरवाही और अकर्मण्यता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उनके निरीक्षण का उद्देश्य केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि सरकारी कामकाज में जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने कई वरिष्ठ अधिकारियों तक को तय समय पर अपनी सीटों से अनुपस्थित पाया, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुशासन केवल निचले कर्मचारियों के लिए नहीं, बल्कि कमिश्नर और स्पेशल कमिश्नर स्तर तक हर अधिकारी पर समान रूप से लागू होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बायोमेट्रिक हाजिरी आवश्यक है और सभी विभाग सुनिश्चित करें कि बायोमेट्रिक सिस्टम का गंभीरता से पालन हो। मुख्यमंत्री ने मौके पर निर्देश जारी किए कि जो भी स्टाफ अनुपस्थित है, उन्हें तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। उन्होंने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की उपस्थिति का अपडेट मांगा और बायोमेट्रिक आधार पर पिछले एक महीने का रिकॉर्ड तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके।
मुख्यमंत्री ने करदाताओं और आम नागरिकों से सीधे संवाद कर फीडबैक भी लिया। इस दौरान सेवाओं में देरी और अधिकारियों की अनुपलब्धता की शिकायतें सामने आईं। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए दो टूक कहा कि जनसेवा में देरी या लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी और इसके लिए सीधे जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कार्यालय परिसर के निरीक्षण में मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने परिसर में पड़ी अनुपयोगी सामग्री और स्क्रैप को तुरंत हटाने के निर्देश दिए ताकि कार्यस्थल का माहौल बेहतर हो सके। फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने नियमित ऑडिट और मेंटेनेंस रिपोर्ट अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए।
जन-शिकायत निवारण व्यवस्था पर भी मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की बैठकों के कारण नागरिकों के काम लंबित रहना अस्वीकार्य है। सभी लंबित मामलों की साप्ताहिक समीक्षा की जाए, शिकायत निवारण प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जाए तथा सेवाओं में किसी भी प्रकार की देरी के लिए संबंधित अधिकारी की स्पष्ट जवाबदेही तय की जाए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दोहराया कि दिल्ली सरकार लापरवाही, अनियमितता व भ्रष्टाचार आदि किसी भी मामले ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनहित के कार्यों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी लगातार किए जाएंगे ताकि सरकारी तंत्र की वास्तविक स्थिति पर नजर रखी जा सके और जनता का भरोसा मजबूत बना रहे।

