नासिक ,09 अपै्रल (आरएनएस)। महाराष्ट्र के नासिक में एक बहुराष्ट्रीय आईटी कंपनी में महिला कर्मचारियों के यौन शोषण से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि कंपनी की महिला कर्मचारियों की शिकायतों के बाद 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें टीम लीडर और इंजीनियर स्तर के कर्मचारी शामिल हैं। सभी पर अलग-अलग आरोप हैं। वहीं, पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) भी गठित की गई है।
पुलिस ने बताया कि 9 पीडि़तों की शिकायत के बाद मामले में 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं। पीडि़तों में 8 महिलाएं और एक पुरुष है। 8 एफआईआर मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में और एक देवलाली पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई है। इन मामलों में यौन शोषण, छेड़छाड़, धार्मिक भावनाएं आहत करने और मानसिक उत्पीडऩ जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। आरोपियों में 6 पुरुष हैं, जबकि एक महिला है, जो कंपनी की मानव संसाधन (एचआर) रिप्रेजेंटेटिव के पद पर थीं।
शिकायत के मुताबिक, ये घटनाएं बीते 2-3 साल में हुई। पीडि़त महिला कर्मचारियों का कहना है कि उनके साथ गलत तरीके से छेड़छाड़ की गई। उनके शरीर और कपड़ों को लेकर अश्लील टिप्पणी की गई और कई बार धर्म को लेकर भी गंदी बातें हुईं। एक पीडि़ता ने कहा कि उससे शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाए गए। एक अन्य पीडि़ता ने कहा कि उसके साथ छेड़छाड़ हुई और निजी व वैवाहिक जीवन को लेकर टिप्पणियां की गईं।
कंपनी के एक पुरुष कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि उस पर धर्म परिवर्तन को लेकर दबाव बनाया गया। शिकायत के अनुसार, उसे विशेष धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने और खान-पान से जुड़ी आदतें बदलने के लिए मजबूर किया गया।
पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि इस पीडि़त को बार-बार धर्म को निशाना बनाते हुए नाम लेकर बुलाया गया और धार्मिक गालियां देकर धमकाया भी गया।
पुरुष आरोपियों की पहचान आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन और तौसिफ अत्तर के रूप में हुई है। 7वीं आरोपी एचआर विभाग से जुड़ी एक महिला है, जिस पर प्रीवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरासमेंट के नियमों के तहत कार्रवाई न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दरअसल, महिलाओं का कहना है कि उन्होंने कई बार एचआर को इस संबंध में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नासिक पुलिस कमिश्नर संदीप कार्णिक के निर्देश पर क्राइम ब्रांच के एसीपी संदीप मितके के नेतृत्व में एक एसआईटी गठित की गई है, जो सभी मामलों की जांच कर रही है। इस टीम में करीब 12 पुलिस अधिकारी शामिल हैं। पुलिस ने अन्य महिला कर्मचारियों से अपील की है कि अगर उन्होंने भी किसी प्रकार का यौन उत्पीडऩ या छेड़छाड़ का अनुभव किया है, तो वे आगे आएं।
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