अजय दीक्षित
यूएस प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप ने जब ईरान युद्ध पर अमेरिका की जनता को संबोधित किया तो वहां की जनता अपना सिर पकड़ लिया कि हारा हुआ पहलवान जीत का दावा कर रहा है दूसरी ओर मध्य पूर्व में खाड़ी देशों में तैनात अमेरिका के सैनिक मारे जाने या बंदी बनाए जाने के डर से होटलों में शरण ले रहे हैं। हॉर्मूज समुद्री क्षेत्र में ईरान ने कब्जा कर लिया है और वहां पर 400 से अधिक मालवाहक शिप 2०० नाविकों के साथ फंसे जिनमें क्रूड ऑयल,गैस, लादी हुई है।जबकि ईरान में अस्सी लाख लोगों ने अपने आप को अमेरिका के खिलाफ युद्ध में लडऩे के लिए पंजीकृत किया है इसके अलावा दस ईरानी ढ्ढक्रत्रष्ट खरग नामक टापू पर लडऩे तैयार है। उल्लेखनीय है कि 23 मार्च को डॉनल्ड ट्रंप ने खार्ग क्षेत्र में भीषण युद्ध करने की धमकी दी थी।आज हालत यह है कि डॉनल्ड ट्रंप ने अपने उद्वोधन में इसका जिक्र तक नहीं किया और यह भी कह दिया कि नाटो देश निकम्मे है । अमेरिका ने अपने आप को हॉर्मूज से अलग कर कह दिया कि जिसे खाड़ी देशों से तेल लेना हो वह अपने हिसाब से हॉर्मूज समुद्री क्षेत्र से अपने जहाज निकले। उन्होंने धमकी दी कि वह ईरान को स्टोन एज में भेज दे गा। हॉर्मूज में मध्य पूर्व के देशों के अलावा यूरोपीय देशों के 145 शिप भी फंसे है। 20 भारतीय जहाजों तेल टैंकरों गैस टैंकरों को भी अपनी बारी का इंतजार है।1857 में भारत के सम्राट बहादुर शाह जफर ने ब्रिटिश को सत्ता सौंपी थी वैसे ही डॉनल्ड ट्रंप अपनी आर्थिक सत्ता को किसको सौंपते हैं और डॉलर की बादशाहत खत्म कर विश्व को आजाद कर रहे हैं क्योंकि अब हॉर्मूज से दुनियां को यह संदेश जा रहा है कि
विश्व में सुपर पावर कोई नहीं है।ईरान ने 35 दिन के युद्ध में अमेरिका को तारे दिखा दिए।हालत ऐसे हो गए हैं कि नाटो देशों का सैनिक संगठन बिखर गया है। इटली फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, ब्रिटिश,ने कहा है कि ईरान युद्ध हमारा नहीं है। इतना ही नहीं ब्रिटिश प्राइम मिनिस्टर स्टार्मर ने तो ईरान से हॉर्मूज समुद्री क्षेत्र बहाल करने के लिए 35 यूरोपीय देशों की लन्दन में मीटिंग रखी है क्योंकि नाटो देश चाहते कि अमेरिका को हटा कर ईरान से मानवीय आधार बातचीत की जाय। खाड़ी देशों में भी अब हॉर्मूज समुद्री क्षेत्र को खुलवाने में पहल की भूमिका ओमान को दे दी है।खाड़ी देशों में अब कतर,भी ईरान की भाषा बोल रहा है। शिया मौलवी सैयद अलिफ जैदी कहते हैं कि आगे आने वाले समय में हॉर्मूज से डॉलर के पराभव का रास्ता और फिलिस्तीन और गाजा की आजादी का रास्ता निकलेगा और इजरायल का अंत होगा ।
यूएस प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप के आज के संबोधन का डेमोक्रेट ने भारी विरोध किया और कहा कि ट्रंप ने ईरान युद्ध संबंधी प्रश्नों का साफ उत्तर नहीं दिया है इससे अमेरिका की जनता में आक्रोश है।
ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि युद्ध अमेरिका के समर्पण के बाद ही बंद होगा और अमेरिका से कोई बातचीत नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका की फौज को ईरान की धरती पर उतरने का इंतजार कर रहे हैं।ईरान एक करोड़ लड़के लड़ेंगे।
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