लखनऊ, 10 अप्रैल (आरएनएस )। राजधानी के विभूतिखण्ड थाना क्षेत्र में हुई 75 लाख रुपये की बड़ी लूट की वारदात का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए पांच शातिर लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया है। क्राइम ब्रांच, क्राइम/सर्विलांस (पूर्वी) और थाना विभूतिखण्ड की संयुक्त टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई में लूट की गई रकम में से 45 लाख रुपये नगद तथा घटना में प्रयुक्त बिना नम्बर प्लेट की काली स्कार्पियो वाहन बरामद की गई है। इस खुलासे से एक सुनियोजित आपराधिक साजिश का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें होटल से जुड़े व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है।पुलिस के अनुसार 5 अप्रैल 2026 को वादी निकुल सिंह जडेजा निवासी परपाटन, गुजरात ने थाना विभूतिखण्ड में प्रार्थना-पत्र देकर सूचना दी थी कि स्कार्पियो सवार अज्ञात बदमाशों ने उन्हें धक्का देकर नगदी से भरा बैग लूट लिया। इस सूचना पर मु0अ0सं0 0119/2026 धारा 309(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और तत्काल लुटेरों की गिरफ्तारी तथा लूटी गई रकम की बरामदगी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया।संयुक्त पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालते हुए लुटेरों के भागने का रूट मैप तैयार किया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर 10 अप्रैल 2026 को लखनऊ पब्लिक कॉलेज कठौता झील के पास से पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 45 लाख रुपये नगद तथा घटना में प्रयुक्त काली स्कार्पियो वाहन बरामद की गई। बरामदगी और साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2), 317(5) और 61(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है, जबकि अन्य संलिप्त फरार अभियुक्तों की तलाश जारी है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस लूट की साजिश अचानक नहीं बल्कि योजनाबद्ध तरीके से रची गई थी। पुलिस के अनुसार होटल से जुड़ा ड्राइवर राहुल यादव कई वर्षों से विभिन्न जनपदों में जाकर होटल और व्यवसाय से संबंधित नकदी एकत्र करने का कार्य करता था। लगातार बड़ी रकम को संभालते हुए उसके मन में लालच उत्पन्न हुआ। उसने इस संबंध में अपने चचेरे भाई आकाश यादव को जानकारी दी। आकाश ने अपने मित्र सलमान से संपर्क किया, जो प्रॉपर्टी ब्रोकरी के कार्य से जुड़े मुख्य अभियुक्तों राजकुमार, सुमित और विशाल के साथ संपर्क में था और आपराधिक गतिविधियों में भी संलिप्त रहता था।योजनानुसार जब रुपयों से भरा बैग होटल पहुंचा और उसे लेकर वादी के निकलने की तैयारी हुई, तभी राहुल ने इसकी सूचना अपने साथियों को दे दी। सूचना मिलते ही स्कार्पियो पर सवार बदमाशों ने मौका देखकर वादी को धक्का दिया और रुपयों से भरा बैग छीनकर बिना नम्बर प्लेट की स्कार्पियो से फरार हो गए। इस पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए पहले से वाहन की व्यवस्था और भागने का रास्ता तय किया गया था।पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में अतुल कुमार रावत निवासी माढऱमऊ कला थाना सुशान्त गोल्फ सिटी, विशाल सिंह निवासी पिपराघाट दिलकुशा थाना कैन्ट, राहुल यादव निवासी बादशाह खेड़ा तकरोही अमराई थाना इन्दिरानगर, आकाश यादव निवासी बादशाह खेड़ा तकरोही अमराई थाना इन्दिरानगर तथा अमित कुमार गुप्ता निवासी विराजखंड-5 थाना विभूतिखण्ड शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में सभी अभियुक्तों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों में से विशाल सिंह और अतुल कुमार रावत के विरुद्ध पूर्व में भी मारपीट, धोखाधड़ी और लूट से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं। अन्य अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से ऐसी घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहा था और उचित अवसर मिलने पर इस वारदात को अंजाम दिया गया।इस बड़ी लूट की घटना के सफल अनावरण को पुलिस की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय एक संगठित लूट गिरोह का पर्दाफाश हुआ है और आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है, जबकि इस घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है।
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