लखनऊ, 10 अप्रैल (आरएनएस )। कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से लखनऊ में दो शातिर अपराधियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम-1970 के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें छह माह के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश न्यायालय संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) द्वारा सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष के तर्कों के आधार पर पारित किया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार संस्थित वाद संख्या 222(89)/2025 तथा 20(12)/2026 से संबंधित विपक्षीगण के विरुद्ध न्यायालय में उ0प्र0 गुंडा नियंत्रण अधिनियम-1970 की धारा-3 के अंतर्गत सुनवाई की गई। इस दौरान विपक्षीगण के अधिवक्ताओं द्वारा प्रस्तुत तथ्यों तथा राज्य की ओर से उपस्थित संयुक्त निदेशक अभियोजन अतेश कुमार सिंह द्वारा रखे गए तर्कों को विस्तार से सुना गया। न्यायालय द्वारा पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद पाया गया कि संबंधित अभियुक्तों की आपराधिक गतिविधियां जनशांति एवं कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बनी हुई थीं।न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष के तथ्यों से संतुष्ट होकर दोनों अभियुक्तों की आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से उन्हें जनपद लखनऊ की सीमा से छह माह के लिए निष्कासित (जिला बदर) किए जाने का आदेश पारित किया। इस आदेश के बाद दोनों अपराधियों को निर्धारित अवधि तक जनपद की सीमा में प्रवेश करने पर प्रतिबंध रहेगा।जिला बदर किए गए अभियुक्तों में अंकित कश्यप पुत्र बालक राम कश्यप निवासी विनम्र खंड, गोमतीनगर थाना विभूतिखण्ड शामिल है। उसके विरुद्ध वर्ष 2017 से वर्ष 2024 तक चोरी, मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और अन्य आपराधिक धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों में थाना विभूतिखण्ड और गोमतीनगर थाना क्षेत्र में पंजीकृत मुकदमे प्रमुख रूप से शामिल हैं।दूसरे अभियुक्त के रूप में विकास चौधरी उर्फ वक्की पुत्र प्रवेश दयाल चौधरी निवासी दीनदयालपुरम, तकरोही थाना इन्दिरानगर थाना को जिला बदर किया गया है। उसके विरुद्ध वर्ष 2016 से वर्ष 2025 तक विभिन्न गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें मारपीट, बलवा, हत्या के प्रयास, गैंगेस्टर एक्ट तथा अन्य गंभीर आपराधिक धाराओं से जुड़े मामले शामिल हैं।पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन दोनों अपराधियों की लगातार बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के कारण क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो रहा था। जनहित और लोक शांति व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से उनके विरुद्ध यह सख्त कार्रवाई की गई है।अधिकारियों ने बताया कि जिला बदर की अवधि के दौरान यदि कोई भी अभियुक्त जनपद लखनऊ की सीमा में प्रवेश करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि शहर में शांति और सुरक्षा का वातावरण बनाए रखा जा सके।
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