लखनऊ 10 अप्रैल (आरएनएस )। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में दिनांक 10 अप्रैल को 11 से 14 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने वाले ‘भारतरत्न बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर जयंतीÓ एवं विश्वविद्यालय स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में प्रस्तावित राष्ट्रीय संगोष्ठियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं की रूपरेखा को लेकर एक प्रेस मीट का आयोजन किया गया। प्रेस मीट को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने आगामी चार दिवसीय कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर स्थायी आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. के.एल. महावर तथा जनसंपर्क अधिकारी डॉ. रचना गंगवार भी मंच पर उपस्थित रहीं।कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने बताया कि इस वर्ष आयोजित चार दिवसीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखकर इसकी रूपरेखा तैयार की गई है। कार्यक्रमों में राष्ट्रीय संगोष्ठियों, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। साथ ही इस वर्ष उद्यमिता के माध्यम से समावेशी विकास को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जो बाबासाहेब के समतामूलक और समावेशी समाज के स्वप्न से प्रेरित है।कुलपति ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के सामने रोजगार की कमी और मानवीय मूल्यों के क्षरण जैसी चुनौतियां मौजूद हैं। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कई महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई हैं। इनमें ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन एआईÓ की स्थापना, कौशल आधारित शॉर्ट टर्म कोर्स, ओपन इलेक्टिव एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देना शामिल है। इसके साथ ही इन्क्यूबेशन सेंटर, हॉबी क्लब तथा विभिन्न मंचों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा विकसित करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा सतत विकास लक्ष्यों को केंद्र में रखते हुए युवाओं को सक्षम उद्यमी बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। इससे सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा और संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों में सेवा, सद्भाव और सामाजिक जुड़ाव की भावना विकसित करना है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।कुलपति ने अमेठी परिसर का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से अधोसंरचना एवं मिनी ऑडिटोरियम का निर्माण कराया गया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार कर रहा है, जिससे संस्थान का नाम वैश्विक स्तर पर स्थापित हो सके।चार दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर ‘राष्ट्रीय शिक्षा ही समावेशी विकास का आधार: महात्मा ज्योतिबा फुले की दृष्टि मेंÓ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल करेंगे, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राज्य शिक्षा मंत्री डॉ. संजय पासवान उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन, संघर्ष और शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान पर आधारित एक प्रेरणादायक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया जाएगा।दिनांक 12 अप्रैल को ‘समावेशी विकास, विकसित भारत का आधार: बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की दृष्टि मेंÓ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्वान अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। इस संगोष्ठी में शिक्षा, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी।दिनांक 13 अप्रैल को कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा, जब भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उद्यमियों को सम्मानित भी किया जाएगा।कार्यक्रम के अंतिम दिन 14 अप्रैल को ‘भारतरत्न बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर जयंतीÓ एवं विश्वविद्यालय स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट अतिथि भी समारोह की शोभा बढ़ाएंगे।इसके अतिरिक्त 11 से 14 अप्रैल तक विद्यार्थियों के लिए अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा। इनमें एक्सटेम्पोर, स्लोगन, पोस्टर, वाद-विवाद, रंगोली तथा निबंध प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, अभिव्यक्ति कौशल और सामाजिक विषयों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है।इस प्रकार विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले ये चार दिवसीय कार्यक्रम न केवल बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेंगे, बल्कि विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और सांस्कृतिक चेतना से समृद्ध करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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