लखनऊ 10 अप्रैल (आरएनएस )। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत थाना नाका हिण्डोला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी की शिकार एक महिला की पूरी धनराशि ?28,122 वापस कराकर सराहनीय कार्य किया है। इस कार्रवाई से न केवल पीडि़ता को आर्थिक राहत मिली है, बल्कि आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास भी और अधिक मजबूत हुआ है।पुलिस के अनुसार दिनांक 06 अप्रैल 2026 को थाना नाका हिण्डोला क्षेत्र के गणेशगंज निवासी पीडि़ता पूजा अग्रवाल द्वारा साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा उनके बैंक खाते से धोखाधड़ी कर ?28,122 की धनराशि निकाल ली गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की।
प्रकरण की जानकारी मिलते ही प्रभारी निरीक्षक के निर्देशन में साइबर सेल टीम सक्रिय हो गई। टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया और संबंधित बैंक तथा पेमेंट गेटवे से समन्वय स्थापित कर फ्रॉड की गई धनराशि को तत्काल फ्रीज कराया गया। लगातार तकनीकी प्रयासों और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप पुलिस टीम ने ठगी गई पूरी धनराशि को सुरक्षित करते हुए पीडि़ता के बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दिया।अपनी खोई हुई जमा पूंजी वापस मिलने पर पीडि़ता ने लखनऊ पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की तत्परता और प्रभावी कार्रवाई से उन्हें न केवल आर्थिक राहत मिली, बल्कि मानसिक तनाव से भी मुक्ति मिली है।इस प्रभावी कार्रवाई में थाना नाका हिण्डोला के प्रभारी निरीक्षक अभिनव कुमार वर्मा के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सतेन्द्र सैनी तथा महिला कांस्टेबल सपना गिरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।लखनऊ पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर नुकसान को रोका जा सके।
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