जयपुर/लखनऊ 10 अप्रैल(आरएनएस )। अखिलेश यादव ने भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा है कि जब भाजपा मुद्दों पर हारने लगती है तो वह संस्थाओं के पीछे छिपकर राजनीतिक हमले करती है। उन्होंने कहा कि ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष को निशाना बनाया जा रहा है और इस मामले में भाजपा की कार्यप्रणाली जनता के सामने बेनकाब हो चुकी है।शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर जयपुर पहुंचे अखिलेश यादव ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा ने चुनावों में फर्जी हस्ताक्षरों के माध्यम से वोट कटवाने की साजिश की है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के वोटों को प्रभावित करने के लिए बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 फर्जी दस्तखतों के साथ भरे गए। इस संबंध में पार्टी द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद भारत निर्वाचन आयोग ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के नाम पर भी हस्ताक्षर किए गए जो स्वयं हस्ताक्षर करने में सक्षम नहीं हैं, फिर भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।अखिलेश यादव ने जयपुर के सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शहर अपनी साझी विरासत के लिए जाना जाता है और ‘पिंक सिटीÓ के रूप में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी यहां पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) की पौध लगाने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में अन्याय, अत्याचार और पीड़ा बढ़ी है और जहां पीड़ा है, वहीं पीडीए की आवश्यकता है। समाजवादी पार्टी पीडीए को एकजुट कर सामाजिक न्याय की स्थापना का प्रयास कर रही है।भाजपा पर चुनावी वादों को पूरा न करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसानों की आय दोगुनी करने और महंगाई कम करने जैसे बड़े वादे किए थे, लेकिन इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पूरे देश में किसानों की आय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश को विश्वगुरु बनाने का सपना दिखाया था, लेकिन वैश्विक संकट और युद्ध जैसी परिस्थितियों में सरकार और प्रधानमंत्री अवसर का समुचित लाभ नहीं उठा सके।महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने भाजपा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण की बात की जा रही है, लेकिन इसे लागू करने में देरी क्यों की जा रही है। उन्होंने पूछा कि जब आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव में लागू किया जाना है, तो वर्तमान में इसे लेकर जल्दबाजी क्यों दिखाई जा रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि महिला आरक्षण विधेयक को वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर क्यों लाया गया, जबकि नई जनगणना के आधार पर इसे लागू किया जाना चाहिए।एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पूज्य शंकराचार्य का सम्मान करने में विफल रही है और उन्हें सुरक्षा प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य को धमकियां मिल रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।अखिलेश यादव ने आगामी चुनावों को लेकर विश्वास जताते हुए कहा कि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराएगी और उसके बाद राजस्थान में भी पार्टी संगठन को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर कार्य कर रहा है और इसके कई उदाहरण हाल के उपचुनावों में देखने को मिले हैं।पश्चिम बंगाल की राजनीति का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा चाहे जितने प्रयास कर ले, लेकिन ममता बनर्जी एक बार फिर ऐतिहासिक जीत दर्ज करेंगी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक और सेकुलर राजनीति को नुकसान पहुंचाने के लिए कई ताकतें सक्रिय हैं, जिनसे सावधान रहने की आवश्यकता है।बिहार की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने नीतीश कुमार के संदर्भ में कहा कि कई लोग चाहते थे कि वह प्रधानमंत्री पद से सेवानिवृत्त हों, लेकिन भाजपा की साजिशों के कारण अब उनके राज्यसभा सदस्य के रूप में सेवानिवृत्त होने की स्थिति बन रही है।इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी भी उनके साथ उपस्थित रहे।
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