5278 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के खाते में 8.34 करोड़ ट्रांसफर*
मातृत्व, शिशु व बालिका सहायता योजना से हजारों परिवारों को मिली बड़ी राहत*
सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण को मिला नया बल*
बस्ती 10 अप्रैल (आरएनएस)। जनपद में श्रमिकों के लिए योगी सरकार ने ऐतिहासिक कार्य किया है। श्रम विभाग द्वारा संचालित मातृत्व, शिशु व बालिका सहायता योजना के तहत 5278 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को कुल 8.34 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। इस बड़े स्तर पर किए गए वितरण से हजारों श्रमिक परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है और उनके जीवन में नई उम्मीद का संचार हुआ है।यह कार्यक्रम न केवल आर्थिक सहायता का वितरण था, बल्कि यह सरकार की श्रमिक वर्ग के प्रति संवेदनशीलता और उनके जीवन स्तर को सुधारने की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक बनकर उभरा। योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल को ध्यान में रखकर प्रदान की जाती है, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाया जा सके।मातृत्व सुरक्षा और पोषण को मिला मजबूत आधार*मातृत्व के दौरान महिलाओं को कई तरह की आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इस योजना के माध्यम से दी गई सहायता राशि गर्भवती महिलाओं के लिए संजीवनी साबित हो रही है। इससे उन्हें बेहतर खानपान, नियमित जांच और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त करने में मदद मिलती है।नवजात शिशुओं के लिए भी यह योजना अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि जीवन के शुरुआती चरण में पोषण और देखभाल बेहद जरूरी होती है। इस आर्थिक सहयोग से परिवार बच्चों की बेहतर परवरिश कर पा रहे हैं, जिससे शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में सहायता मिल रही है।बालिका सशक्तिकरण की दिशा में अहम पहल–*इस योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करना भी है। आर्थिक सहायता मिलने से परिवारों में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलता है और उनके स्वास्थ्य व शिक्षा पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।पारदर्शिता और डिजिटल व्यवस्था का सफल उदाहरण_*पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संपन्न किया गया, जिसमें सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई। श्रम विभाग की इस कार्यप्रणाली को प्रशासनिक दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।श्रमिक परिवारों में खुशी और संतोष का माहौल_*सहायता राशि प्राप्त होने के बाद श्रमिक परिवारों में खुशी की लहर देखी गई। लाभार्थियों ने बताया कि यह राशि उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे वे अपने परिवार की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य की योजनाएं भी बना सकेंगे कई श्रमिकों ने कहा कि इस तरह की योजनाएं उनके जीवन में स्थिरता लाने का काम करती हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देती हैं।प्रशासन की तत्परता और सरकार की प्रतिबद्धता_*एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में लाभार्थियों को सहायता राशि वितरित करना प्रशासन की कार्यकुशलता को दर्शाता है। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए गंभीरता से काम कर रही है और योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

