नई दिल्ली,10 अपै्रल (आरएनएस)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े एक बड़े आतंकी मॉड्यूल नेटवर्क को ध्वस्त किया है. इसमें 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही देश के तीन राज्यों में संवेदनशील रक्षा प्रतिष्ठानों के आसपास लगाए गए 9 संदिग्ध सीसीटीवी कैमरे बरामद किए हैं. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एडिशनल सीपी प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि इस पूरे मॉड्यूल के तीन प्रमुख पहलू सामने आए हैं. पहला, संवेदनशील इलाकों में सोलर पावर से चलने वाले सीसीटीवी कैमरों के जरिए जासूसी. दूसरा, सीमा पार से हथियारों की तस्करी. जबकि, तीसरा कई जगहों पर ग्रेनेड हमले की साजिश.
एडिशनल सीपी प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि जांच में सामने आया है कि कपूरथला, जालंधर, पठानकोट, पटियाला, मोगा, अंबाला, कठुआ (जम्मू-कश्मीर), बीकानेर व अलवर जैसे स्थानों पर इन कैमरों को लगाया गया था. ये सभी कैमरे सिम-आधारित थे और इनकी लाइव फीड सीधे पाकिस्तान भेजी जा रही थी. इनका उद्देश्य संवेदनशील मूवमेंट व सुरक्षा गतिविधियों की जानकारी जुटाना था. स्पेशल सेल ने इस नेटवर्क से चार पिस्टल व कारतूस भी बरामद किए हैं, जिनमें तीन विदेशी पिस्टल भी शामिल हैं. ये हथियार क्रॉस बॉर्डर स्मगलिंग के जरिए भारत पहुंचाए गए थे. साथ ही कई सिम कार्ड व मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं.
जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क में शामिल अधिकांश आरोपी पंजाब के हैं, जबकि कुछ दिल्ली के रहने वाले हैं. दिल्ली के आरोपी मुख्य रूप से हथियारों की रिसीविंग व सप्लाई में शामिल थे. रोहिणी निवासी अतुल राठी, जिसने न्यूजीलैंड से एमबीए किया है, इस नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रहा था.
एडिशनल सीपी प्रमोद कुशवाहा के अनुसार, आरोपियों ने कई संवेदनशील प्रतिष्ठानों की वीडियोग्राफी भी करवाई थी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाई जा सके. इसी आधार पर कुछ जगहों पर ग्रेनेड हमले की योजना बनाई गई थी, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया.
एडिशनल सीपी प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि पूरे नेटवर्क की फंडिंग हथियारों की बिक्री व ड्रग्स तस्करी से हो रही थी. इसी पैसे का इस्तेमाल सीसीटीवी कैमरों की खरीद व इंस्टॉलेशन के लिए किया जा रहा था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पिछले 2-3 महीनों से यह गतिविधियां जारी थी. गाजियाबाद में पहले पकड़े गए मॉड्यूल की तरह ही इसके भी विदेशी हैंडलर सक्रिय थे. फिलहाल देशभर में सीसीटीवी कैमरों की ऑडिटिंग का काम तेज कर दिया गया है, जिससे इस तरह की किसी भी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके.
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