वाशिंगटन, 12 अपै्रल। अमेरिका ने कहा है कि उसके 2 जंगी जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया है। कथित तौर पर ये जंगी जहाज होर्मुज में ईरान द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने के अभियान में जुटे हैं। हालांकि, ईरान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि होर्मुज पर पूरी तरह उसका नियंत्रण है।
रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी सैन्य जहाज ने होर्मुज को पार करने की कोशिश की थी, लेकिन ईरानी सेना ने उसे खदेड़ दिया।
अमेरिकी केंद्रीय कमान ने सोशल मीडिया पर बताया कि 2 जंगी जहाजों- यूएसएस फ्रैंक ई पीटरसन और यूएसएस माइकल मर्फी ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया है। केंद्रीय कमान के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि आज हमने एक नया मार्ग स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की है और हम जल्द ही इस सुरक्षित मार्ग को समुद्री उद्योग के साथ साझा करेंगे, ताकि व्यापार का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित हो सके।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने चेतावनी दी है कि होर्मुज से गुजरने वाले किसी भी सैन्य पोत को कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा। आईआरजीसी नौसेना कमान ने कहा कि जलडमरूमध्य के प्रबंधन का उसे पूर्ण अधिकार है और ऐसे किसी भी प्रयास से वह सख्ती से निपटेगी। आईआरजीसी ने यह भी कहा कि केवल नागरिक जहाजों को ही होर्मुज से गुजरने की अनुमति होगी, वह भी खास शर्तों के साथ।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी जहाजों को आईआरजीसी ने चेतावनी दी थी। आईआरजीसी की ओर से भेजे गए रेडियो संदेश को पास से गुजर रहे एक नागरिक जहाज ने रिकॉर्ड कर लिया। इसमें आईआरजीसी ने कहा, यह आखिरी चेतावनी है। यह आखिरी चेतावनी है। जवाब में अमेरिकी जहाज ने कहा, अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार आवागमन जारी है। मेरा इरादा आपको चुनौती देने का नहीं है और मैं सरकार के युद्धविराम नियमों का पालन करने का इरादा रखता हूं।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना के युद्धपोत फुजैरा से होर्मुज जलडमरूमध्य की तरफ बढ़ रहा था। उसे आगे बढ़ते देख ईरानी सेना ने कड़ी चेतावनी दी कि अगर उसने जहाज आगे बढ़ता रहा, तो 30 मिनट के भीतर उस पर हमला कर दिया जाएगा। इसके बाद अमेरिकी जहाज वापस लौट गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि ये मुद्दा इस्लामाबाद में चल रही अमेरिका-ईरान की बैठक में भी उठा था।
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