सुलतानपुर 12 अप्रैल (आरएनएस )। मोमनीन अमहट की तरफ से शनिवार को रात 8बजे हुसैनिया नौ तामीर अमहट सुलतानपुर में सैयद अली खामनाई रिजवान उल्लाह अलैहा जो मुस्लिमों के धर्म गुरु और ईरान के सर्वोच्च लीडर थे उनके ऐसाले सवाब आत्मा कीशान्ति के लिए उनके चेहलुम की मजलिस का आयोजन क्रिया गया है जिसको मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी लखनऊ ने पढ़ी। उन्होंने ने कहा सैयद अली खामनाई दुनिया के ऐसे लीडर थे जिन्होंने जान तो दे दी लेकिन दुश्मन के सामने सर नहीं झुकाया। उन्होंने कहा जिस तरीके से इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने कहा था जि़ल्लत की जिन्दगी से इज्जत की मौत बेहतर है उसी तरीके से सैयद अली खामनाई ने भी यही बात दोहराई और अपने जान की कुर्बानी पेश की। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी जंग फौज की कसरत से नहीं बल्कि हौसले से जीती जाती है और यह हौसला हमें कर्बला के शहीदों से मिलता है और जो कौम जान देने के लिए हर वक्त तैयार हो उसको दुनिया की कोई ताकत हरा नहीं सकती और जो अल्लाह पर भरोसा और यकीन रखता है अल्लाह उसकी मदद करता है। इसके अलावा मौलाना मिर्जा शफीक हुसैन शफक लखनऊ पढ़ी। इसकी जानकारी हैदर अब्बास खान अध्यक्ष हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन सुलतानपुर ने दी है।
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