पश्चिम मेदिनीपुर,12 अपै्रल (आरएनएस)। जिले के खडग़पुर में चुनावी माहौल के बीच रविवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब वार्ड नंबर 25 के कथित ‘डिलीटेड वोटरोंÓ ने भाजपा प्रत्याशी दिलीप घोष के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथ में राष्ट्रीय ध्वज और पोस्टर लेकर नारेबाजी की, जिन पर लिखा था— “क्या हम देशद्रोही हैं?” बताया जा रहा है कि खडग़पुर के कौशल्या इलाके में जब दिलीप घोष चुनाव प्रचार कर रहे थे, उसी दौरान स्थानीय लोगों ने उनका विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट में मौजूद हैं, लेकिन उनका नाम बिना किसी स्पष्ट कारण के हटा दिया गया है। प्रदर्शन में शामिल शम्पा खिलाड़ी, रिंकू दोलाई और काजल घोड़ाई समेत कई लोगों ने कहा कि वे वर्षों से इस इलाके के स्थायी निवासी हैं, इसके बावजूद उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया। उनका कहना है कि यह पूरी तरह से चुनाव आयोग की गलती है, लेकिन इसके उलट उन्हें ही ‘देशद्रोहीÓ बताया जा रहा है, जो बेहद अपमानजनक है। दरअसल, बीते गुरुवार को दिलीप घोष ने वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने वाले लोगों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद से ही स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ गया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक दिलीप घोष सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। वहीं, मौके पर पहुंची पुलिस ने कुछ ही देर में प्रदर्शनकारियों को हटा दिया। इसके बाद भी लोग भाजपा के स्थानीय जिला कार्यालय के सामने कुछ समय तक प्रदर्शन करते रहे। इस मामले में स्थानीय आशा डोलोई ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा कि जिन लोगों के पास सभी वैध दस्तावेज हैं, उनके नाम हटाया जाना और फिर उन्हें ‘देशद्रोहीÓ कहना पूरी तरह से गलत है। हालांकि, इन आरोपों और विरोध प्रदर्शनों को दिलीप घोष ने खारिज करते हुए कहा कि उन्हें इस तरह के विरोध से कोई फर्क नहीं पड़ता और जिसे कुछ कहना है, वह सीधे आकर कहे। फिलहाल, इस मुद्दे ने खडग़पुर की राजनीति को गरमा दिया है और चुनाव से पहले यह विवाद एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता नजर आ रहा है।
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