नई दिल्ली,12 अपै्रल (आरएनएस)। दिल्ली की भाजपा महिला सांसदों कमलजीत सेहरावत और बांसुरी स्वराज ने प्रेस वार्ता कर सभी राजनीतिक दलों से संसद के विशेष सत्र में महिला शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन करने की अपील की. इस दौरान सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इच्छा शक्ति के कारण ही 27 साल से लटका हुआ महिला आरक्षण बिल नारी शक्ति वंदन अधिनियम के रूप में सितंबर 2024 में संसद से पारित हुआ. उसके बाद अब 2029 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं को यह आरक्षण मिले इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाकर के इसको लागू किया जा रहा है.
बांसुरी स्वराज ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं का वोटिंग परसेंटेज पुरुषों से ज्यादा था. जहां 65.8त्न महिलाओं ने वोट दिया तो वहीं पुरुषों की संख्या 65.6त्न थी. इसके बावजूद महिलाओं का प्रतिनिधित्व कम रहा है. महिलाओं का प्रतिनिधित्व 13.6त्न है. अब इस बिल के लागू होने से 2029 के लोकसभा चुनाव में और राज्यों की विधानसभाओं में भी महिलाओं को 33त्न आरक्षण मिल सकेगा. इससे समाज में महिलाओं को नेतृत्व का मौका मिलेगा और निर्णय लेने में भी उनकी भूमिका बढ़ेगी.
बांसुरी स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिला शक्ति वंदन अधिनियम लाकर सालों से चली आ रही सभी बाधाओं को दूर कर दिया और अब यह कानून लागू होने जा रहा है. बांसुरी स्वराज ने महिला शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन करने के लिए एक फोन नंबर भी जारी किया. फोन नंबर 9667173333 जारी करते हुए बांसुरी स्वराज ने मिस कॉल देकर सभी से इस अधिनियम का समर्थन जताने की अपील की. स्वराज ने कहा कि मैं सभी अपने भाइयों से भी अपील करती हूं कि इस विधेयक के लिए अपना समर्थन जताने के लिए इस नंबर पर मिस कॉल दें.
वहीं, सांसद कमलजीत सेहरावत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार ने यह उपलब्धि हासिल की. यह बिल संसद से पारित हुआ अब यह सिर्फ महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के विकास की बात नहीं है बल्कि वूमेन लीड डेवलपमेंट का उदाहरण है. इस बिल के लागू होने से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी. इससे चहुमुखी विकास होगा. सेहरावत ने कहा कि ऐसा नहीं है कि और राजनीतिक दलों की इच्छा महिलाओं को आगे बढ़ाने की नहीं थी. पहले भी कई बार यह बिल संसद में आया. लेकिन, कई कारणों से पास नहीं हो सका था. लेकिन, अब इसके रास्ते की सभी रुकावटें दूर हो गई हैं.
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