जौनपुर 13 अप्रैल (आरएनएस )। स्थानीय मुक्तेश्वर प्रसाद महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कायस्थ चेतना संगोष्ठी में कायस्थ समाज की एकजुटता और राजनीतिक भागीदारी पर जोर दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अजय शंकर श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ समाज का इतिहास देश की आजादी से लेकर स्वतंत्र भारत तक गौरवशाली रहा है। चाहे प्रशासनिक सेवाएं हों या राजनीति, हर क्षेत्र में कायस्थों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान समय में समाज राजनीतिक रूप से हाशिए पर पहुंचता जा रहा है, जिसका मुख्य कारण टिकट वितरण में उपेक्षा है। उन्होंने आह्वान किया कि समाज को अब स्वयं आगे आकर राजनीतिक रूप से सशक्त बनना होगा, तभी अन्य क्षेत्रों में भी मजबूती आएगी।राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र कुमार सिंन्हा ने कहा कि उन्हें स्वामी विवेकानंद, सुभाष चंद्र बोस, जयप्रकाश नारायण और राजेंद्र प्रसाद जैसे महापुरुषों से प्रेरणा लेकर उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।गोरखपुर मंडल अध्यक्ष अमरेश श्रीवास्तव ने ओजस्वी भाषण में कहा कि वर्तमान समय में समाज को राजनीतिक रूप से सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। विशिष्ट अतिथि कर्मचारी नेता राकेश श्रीवास्तव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि चुनाव में कायस्थ समाज ने उन्हें भरपूर समर्थन दिया। अध्यक्षता आनंद मोहन श्रीवास्तव ने की, संचालन वरिष्ठ पत्रकार संजय अस्थाना द्वारा किया गया। मनोज श्रीवास्तव, श्याम रतन श्रीवास्तव, धीरज श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव बबलू, अखिलेश श्रीवास्तव, विनय श्रीवास्तव, संदीप अस्थाना, बबलू अस्थाना सहित बड़ी संख्या में कायस्थ समाज के लोग उपस्थित रहे।
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