मुर्शिदाबाद/माल्दा,14 अपै्रल (आरएनएस)। राहुल गांधी ने बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा और आरएसएस पर संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा कर लोकतंत्र और संविधान को नष्ट करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई नफरत के खिलाफ मोहब्बत की दुकान खोलने की है।जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बंगाल में भाजपा के बढ़ते प्रभाव के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ही जिम्मेदार है। बंगाल में भाजपा को फायदा पहुंचाने का काम तृणमूल कर रही है और उसके लिए रास्ता तैयार कर रही है। यदि तृणमूल कांग्रेस ने सही तरीके से शासन किया होता और राज्य में हिंसा का माहौल न बनने दिया होता, तो भाजपा के यहां उभरने का सवाल ही नहीं उठता। भाजपा बंगाल में दिखाई भी नहीं देती, लेकिन ममता सरकार ने ऐसा नहीं किया। राहुल गांधी ने कहा कि अंबेडकर, गांधी और नेहरू ने देश को जो संविधान दिया था, उसे भाजपा सीधे तौर पर नहीं बल्कि संवैधानिक संस्थाओं में अपने लोगों को बिठाकर और वोट चोरी करके नष्ट कर रही है। उन्होंने अपनी भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उनका मुकाबला नफरत की राजनीति से है और वे नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलने आए हैं। राहुल गांधी ने उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इस डील से भारत के लघु और मध्यम उद्योग बंद हो जाएंगे, किसानों को भी भारी नुकसान होगा और देश में बड़े स्तर पर बेरोजगारी बढ़ेगी। इसी दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए उन्हें देशभक्त के बजाय देशद्रोही करार दिया।
माल्दा की रैली में राहुल गांधी ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया (एसआईआर) को असंवैधानिक बताया। उन्होंने वादा किया कि बंगाल में कांग्रेस की सरकार आने पर उन सभी लोगों के नाम सूची में वापस जोड़े जाएंगे जिनके नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं। उन्होंने टीएमसी और वामपंथियों को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इन्होंने बंगाल के औद्योगिक क्षेत्र को खत्म कर दिया है। राहुल ने शारदा (1,900 करोड़) और रोज वैली (6,600 करोड़) चिटफंड घोटालों का जिक्र करते हुए टीएमसी को भ्रष्टाचार में भाजपा के बराबर बताया।
बता दें कि रायगंज सीट पर कांग्रेस ने मोहित सेनगुप्ता को उतारा है, जिनका मुकाबला टीएमसी के कृष्णा कल्याणी और भाजपा के कौशिक चौधरी से है। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि नतीजे 4 मई को आएंगे। कांग्रेस इस बार राज्य में अपनी खोई हुई पैठ वापस पाने की कोशिश कर रही है।
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