नई दिल्ली 15 April, (Rns)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बीच करीब 40 मिनट तक अहम टेलीफोनिक बातचीत हुई। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद इस बातचीत को खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार, ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। इसमें ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी समेत क्षेत्रीय तनाव के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा शामिल रही।
इस साल तीसरी बार हुई बातचीत
दोनों नेताओं के बीच यह वर्ष 2026 में तीसरी फोन वार्ता है। इससे पहले 2 फरवरी को दोनों के बीच व्यापार समझौते को लेकर चर्चा हुई थी, जबकि 24 मार्च को पश्चिम एशिया के हालात पर विचार-विमर्श किया गया था। मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद यह दूसरी बार है जब दोनों नेताओं ने सीधे बातचीत की है।
शांति और स्थिरता पर जोर
पिछली बातचीत में पीएम मोदी ने क्षेत्र में जल्द शांति बहाल करने पर जोर दिया था और होर्मुज जलडमरूमध्य के खुले और सुरक्षित रहने की उम्मीद जताई थी। उन्होंने कहा था कि क्षेत्रीय स्थिरता वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद जरूरी है।
इस्लामाबाद वार्ता रही बेनतीजा
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल संघर्ष विराम जारी है। हाल ही में इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच करीब 21 घंटे तक चली मैराथन शांति वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई।
तनाव बरकरार, आगे की वार्ता की संभावना
वार्ता विफल रहने के बाद ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाया है और लगातार चेतावनी भरे बयान दे रहे हैं। हालांकि, कूटनीतिक सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच जल्द ही दूसरे दौर की बातचीत की संभावना बनी हुई है।
इस बीच, वैश्विक समुदाय की नजरें अब पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर टिकी हैं, जहां किसी भी बड़े फैसले का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ सकता है।

