नहीं मिली नोएडा आंदोलन की वजह से परमिशन
प्रयागराज 15 अप्रैल। पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स प्रा. लि. के नैनी सरस्वती हाई-टेक सिटी स्थित प्लांट पर आगामी 16 अप्रैल को होने वाले विशाल धरने और प्रदर्शन को नोएडा श्रमिक आंदोलन की वजह से प्रशासन ने धरना प्रदर्शन के लिए अनुमति न मिलने व कम्पनी अधिकारियों द्वारा वार्ता करने के फलस्वरूप फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है।
यह जानकारी देते हुए सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने बताया कि पूर्व सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह द्वारा उठाए गए मुद्दों में सबसे प्रमुख क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को रोजगार न मिलना है। पत्र के माध्यम से आरोप लगाया गया है कि पेप्सिको कंपनी और वहां कार्यरत वेंडर कंपनियां स्थानीय लोगों के बजाय बाहरी व्यक्तियों को वरीयता दे रही हैं, जिससे क्षेत्रीय जनता में भारी असंतोष है।उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा अत्यधिक भू-जल दोहन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। कुंवर रेवती रमण सिंह ने कहा कि प्लांट द्वारा जमीन से पानी खींचने के कारण आसपास के ग्रामीण इलाकों का जल स्तर काफी नीचे चला गया है, जिससे हैंडपंप और कुएं सूख रहे हैं।
पूर्व में यह प्रदर्शन 16 अप्रैल को दोपहर 12:00 बजे प्रस्तावित था। हालांकि, नोएडा सेक्टर में चल रहे किसानों और मजदूरों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन के अनुरोध पर इस कार्यक्रम में संशोधन किया गया है।
पूर्व सांसद ने स्पष्ट किया कि स्थानीय लोगों के हक और पर्यावरण की रक्षा की लड़ाई जारी रहेगी। यदि कम्पनी अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को नौकरी में प्राथमिकता व भूजल रिचार्ज पर कोई ठोस कार्यवाही न तो प्रदर्शन की नई तिथि निर्धारित होते ही प्रशासन और क्षेत्रीय जनता को सूचित किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी ने स्थानीय लोगों को रोजगार देने और जल स्तर को लेकर उचित कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा। स्थानीय युवाओं को रोजगार न मिलना और गिरता भू-जल स्तर। वार्ता में पेप्सिको की तरफ जीएम प्रेणना कपूर एचआर हेड अरूण सत्पथी सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा थे।
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