:-दरोगा ने सुल्तानपुर से थाना परसपुर में लगाई गुहार
परसपुर (गोण्डा) 15 अप्रैल। थाना परसपुर क्षेत्रांतर्गत ग्राम पंचायत डेहरास के गांव गदापुरवा में एक बार फिर दबंगों ने सुल्तानपुर में तैनात वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय की गांव में लगी बाड़ को उजाड़कर बांस बल्ली उठा ले गए। दरोगा की भाभी ने फ़ोन द्वारा सूचना देकर प्रकरण की जानकारी अपने देवर दरोगा राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय को दिया। जिस पर दरोग़ा ने आनलाइन एवं थानाध्यक्ष परसपुर कमल शंकर चतुर्वेदी के वाट्सएप पर तहरीर देकर कार्यवाही की मांग किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ये वही दबंग है जिन्होंने 20 दिसम्बर 2025 को बिना किसी राजस्व कर्मी के लाठी भाला लेकर दरोगा राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय और पत्रकार रमेश चन्द्र पाण्डेय के काफी समय से प्रचलित मार्गं को लोहे का पिलर लगाकर अवरोधित कर दिया था। दबंगों के इस कृत्य में डायल 112 की भूमिका भी संदिग्ध नजर आई थीं। जिस जमीन को राजस्व निरीक्षक नहीं नाप सके और 2018 में उन्होंने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि 3477 और 3480 संघटक गाटा है इसलिए इसकी नाप नहीं हो सकती। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बंटवारा दायर करने की सलाह दबंगों के पूर्वजों को दिया था। उस जमीन को 20 दिसम्बर 2025 को डायल 112 के गाड़ी संख्या यूपी 32 डीजी 7365 से आये दरोगा ने सिर्फ दबंगों के घर पहुंचने के बाद बिना किसी नाप के ही कह दिया कि उनकी जमीन है और वे पिलर गाड रहे हैं और एक फुट बढ़ा कर पिलर गड़वा दिया। 21 दिसम्बर 2025 को रमेश चन्द्र पाण्डेय ने थाना परसपुर में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दिया था। तहरीर में दबंगों में से एक संदीप पाठक के हाथ में भाला लिए हुए रंगीन फोटो भी संलग्न किया था परन्तु तत्कालीन थानाध्यक्ष अनुज त्रिपाठी ने सिर्फ आश्वासन दिया और बाद में शान्ति भंग की आशंका की कार्रवाई करके प्रकरण की इतिश्री कर दिया। शायद अनुज त्रिपाठी द्वारा पढ़ी किताब में भाला प्रतिबंधित अस्त्र नही है। मामले पर वरिष्ठ वकील घनश्याम पाण्डेय ने बताया कि भाला प्रतिबंधित अस्त्र है और उस पर मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। दबंगों द्वारा मार्ग अवरूद्ध करने के बाद दरोगा राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय ने अपने भतीजे से कहकर अपने बैनामा वाले खेत में बाड़ लगवा दिया जिससे दबंगों के खेत में ट्रैक्टर जाने का रास्ता अवरूद्ध हो गया। ऐसे में बिना कोई बातचीत किए गत रविवार 12 अप्रैल को पुन: पाच छ: लोग पहुंच कर दरोगा राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय की बाड़ उजाड़ कर बास बल्ली उठा ले गए और परिवार की महिला (दरोगा जी की भाभी) के विरोध करने पर उन्हें गाली देते हुए जान से मारने की धमकी भी देते हुए कहा कि पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड सकती। पिछली बार 112 पुलिस ने ही हमारा पिलर और बढ़वा कर गड़वा दिया था। पैसे में बहुत ताकत है। इस दौरान दबंग लाठी आदि लिए हुए थे परन्तु भयवश इस बार कोई वीडियो या फोटो नहीं ली जा सकी। प्रकरण की सूचना घर वालों द्वारा न तो थाने पर और न 112 को दी गई। जिससे साफ है कि डायल 112 और पूर्व थानाध्यक्ष अनुज त्रिपाठी की कार्यशैली के कारण पुलिस और 112 पुलिस पर घर वालों का भरोसा समाप्त हो गया है। इसका एक उदाहरण पूर्व मे मोतीगंज थानांतर्गत ग्राम किनकी का है जहां 112 पुलिस के सामने एक व्यक्ति को मारकर मरणासन्न कर दिया गया था। प्रकरण पर वर्तमान थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी से बात करने पर उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वाले दबंगों पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। प्रकरण अभी तक संज्ञान में नहीं आया था।
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