संदना/सीतापुर 17 अप्रैल (आरएनएस)। विकास खंड गोंदलामऊ की ग्राम पंचायत आमाघाट में लाखों रुपये से बना सामुदायिक शौचालय आज खंडहर में तब्दील हो चुका है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि मरम्मत और रखरखाव के नाम पर लगातार भुगतान जारी है। जिम्मेदारों की चुप्पी से पूरे मामले में भ्रष्टाचार की बू साफ नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि फरवरी माह में 15वें वित्त से शौचालय मरम्मत के नाम पर 20,414 रुपये राजेश कुमार को भुगतान कर दिए गए, जबकि 19,900 व 9,000 रुपये गणेश इंटरप्राइजेज के नाम भी निकाले गए। इसके अलावा रखरखाव की जिम्मेदारी महिला समूह ‘बजरंग बली महिला संघÓ को दी गई, जिसे हर महीने भुगतान किया जा रहा है। जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। शौचालय में दरवाजे टूटे पड़े हैं, टोटी, कमोड, बिजली और पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। अंदर और आसपास कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे यह पूरी तरह अनुपयोगी हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि महीनों से शौचालय बंद पड़ा है, जिससे उन्हें खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। खासकर महिलाओं को भारी असहजता झेलनी पड़ रही है। अब सवाल यह उठता है कि जब मरम्मत के नाम पर पैसा खर्च हुआ, तो शौचालय की हालत बदहाल क्यों है? ग्रामीणों ने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

