० पीलिया के नये मरीज नही मिले
दुर्गं, 17 अप्रैल (आरएनएस)। वार्ड-67 सेक्टर 7 पश्चिम सड़क 37 ए भिलाई नगर में पीलिया के मरीजों की जानकारी होने पर आज दिनांक 17 अप्रैल 2026 को डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग एवं डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी, दुर्ग के मार्गदर्शन में विजय सेजुले, सुपरवाईजर, हितेन्द्र कोसरे, बीईटीओ एवं स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनों के साथ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दानी से प्राप्त जानकारी अनुसार आज प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 109 घरों का भ्रमण किया गया, जिसमें कोई भी पीलिया से ग्रसित नए मरीज़ नही मिले। उक्त संक्रमित क्षेत्र में पूर्व के कुल 37 पीलिया के मरीज है। जिनमें से 02 पुराने मरीज शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईंस, भिलाई में उपचाररत है तथा 01 पुराना जिला चिकित्सालय का मरीज़ डिस्चार्ज हुए, इस प्रकार कुल भर्ती मरीज 02 है। उक्त प्रभावित क्षेत्र में नगर निगम भिलाई की मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा लक्षणयुक्त मरीजों की (सीबीसी/एलटीएफ/आरटीएफ/विडाल) व अन्य आतिआवश्यक जाचं की जा रही है, वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है।
इसी प्रकार विकासखण्ड धमधा अंतर्गत 16 अप्रैल को वार्ड नं-05,06,07 अहिवारा में पीलिया की मरीजों की जानकारी होने पर 17 अप्रैल को डॉ. मनोज दानी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार डॉ.सी.बी.एस.बंजारे जिला सर्वेलेंस अधिकारी दुर्ग, रितिका सोनवानी जिला महामारी विशेषज्ञ जिला दुर्ग, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना अग्रवाल एवं विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक रिचा मेश्राम गोविंद सिंह उद्दे बी.ई.टी.ओ. के द्वारा एवं बलराम वर्मा सुपरवाइजर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनों के साथ 40 घरों का भ्रमण किया गया जिसमें कोई भी नये पीलिया से ग्रसित मरीज नही मिले। इस प्रकार उक्त संक्रमित क्षेत्र में 04 अप्रैल से आज दिनांक 17 अप्रैल 2026 तक कुल 12 पीलिया के मरीज है। जिसमें से आज दिनांक तक कुल 06 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किये गए। इस प्रकार वर्तमान में उक्त प्रभावित क्षेत्र से कुल 03 मरीज (02 सामु.स्वा. केन्द्र अहिवारा व 01 शंकराचार्य कॉलेज जुनवानी दुर्ग) में उपचार ले रहे है। वर्तमान में जिनकी स्थिति सामान्य है। आज प्रभावित क्षेत्र से कुल 07 पानी जॉच हेतु सैम्पल चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज कचान्दुर दुर्ग भेजा गया एवं नगर पालिका अहिवारा द्वारा पाईप लाईन की मरम्मत की जा रही है व आवश्यकतानुसार लक्षण युक्त मरीजों का (सीबीसी/एलटीएफ/आरटीएफ/विडाल) व अन्य अति आवश्यक जांच की जा रही है, वर्तमान में स्थिति पूर्णता नियंत्रण में है।
पीलिया हेतु पीलिया प्रदूषित जल व भोजन से फैलने वाला संक्रामक रोग है जो विषाणुओं के संक्रमण से होता है। विषाणुओं के शरीर में प्रवेश करने के 15 से 50 दिनों के भीतर बीमारी के लक्षण प्रगट होते है। पीलिया के प्रमुख लक्षण भूख न लगना, पीले रंग की पेशाब होना, भोजन का स्वाद न आना, उल्टी लगना या होना, सिर में दर्द होना एवं कमजोरी तथा थकावट का अनुभव करना, पेट के दाहिने तरफ उपर की ओर दर्द होना, आंखे व त्वचा का रंग पीला होना है।
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