लखनऊ 15 अप्रैल (आरएनएस )।मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री की अध्यक्षता में अर्बन चैलेंज फंड के संचालन के संबंध में एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा सहित विभिन्न राज्यों के मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।बैठक में राज्यों को फंड के दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन कर शीघ्र क्रियान्वयन प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लंबित प्रक्रियाओं एवं हस्ताक्षर की कार्यवाही को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूर्ण करने पर विशेष बल दिया गया, ताकि योजना का लाभ समयबद्ध रूप से जनता तक पहुंच सके।केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत 1 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत पात्र परियोजनाओं को 25 प्रतिशत तक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जो अपनी कुल लागत का न्यूनतम 50 प्रतिशत भाग बाजार आधारित संसाधनों जैसे बैंक ऋण एवं जन-निजी सहभागिता मॉडल से जुटाने में सक्षम हों।
उन्होंने आगे बताया कि इस फंड के अंतर्गत शहरों को विकास केंद्र के रूप में विकसित करने, शहरों के रचनात्मक पुनर्विकास तथा जल एवं स्वच्छता जैसे प्रमुख क्षेत्रों में परिवर्तनकारी एवं दीर्घकालिक प्रभाव वाली परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने कहा कि अर्बन चैलेंज फंड शहरी विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। इससे नगर निकायों को वित्तीय संसाधन जुटाने में सुविधा मिलेगी तथा विकास परियोजनाओं को गति प्राप्त होगी।उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में इस योजना के अंतर्गत नवाचार आधारित, जनहितकारी एवं दीर्घकालिक प्रभाव वाली परियोजनाओं की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर प्रस्तावित किया जाएगा, जिससे प्रदेश के शहरों को आधुनिक एवं सुव्यवस्थित बनाया जा सके।
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