लखनऊ 15 अप्रैल (आरएनएस )।नगर निगम लखनऊ में महापौर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में सदन की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें शहर के विकास, स्वच्छता और जनहित से जुड़े अनेक प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई और उन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में कार्यकारिणी उपाध्यक्ष चरनजीत गांधी, नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित सभी पार्षदगण एवं अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में लिए गए निर्णयों को शहर के समग्र विकास और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।बैठक के दौरान शहर के सभी विकसित पार्कों में सौर ऊर्जा आधारित लाइट लगाने का प्रस्ताव सदन द्वारा स्वीकृत किया गया। इस निर्णय से एक ओर ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर पार्कों में रात्रि के समय सुरक्षा और सुविधाओं में सुधार होगा। इसे शहर को हरित और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नगर क्षेत्र में सभी कूड़ा स्थानांतरण केंद्रों के निर्माण कार्य को 30 अप्रैल 2026 तक हर हाल में पूरा करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इस निर्णय से कचरा निस्तारण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और प्रभावी होने की उम्मीद जताई गई है।बैठक में कर वसूली व्यवस्था को लेकर भी महापौर ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने सभी कर निरीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी निजी व्यक्ति के माध्यम से कर वसूली नहीं कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो कर्मचारी घर-घर बिल वितरण या कर वसूली के लिए जाएंगे, उन्हें अनिवार्य रूप से पहचान पत्र पहनना होगा। बिना पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति के घर जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।शहर में स्थित सभी विद्यालय भवनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 15 मई 2026 तक उनके पुनर्मूल्यांकन का प्रस्ताव भी सदन द्वारा पारित किया गया। यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इस निर्णय को विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।सरकारी भूमि की सुरक्षा और उसके बेहतर उपयोग को लेकर भी बैठक में अहम निर्णय लिए गए। दीनदयाल उपाध्याय सेवा न्यास से संबंधित गाटा संख्या 196, क्षेत्रफल 5429.96 वर्ग मीटर भूमि को नगर निगम द्वारा वापस लेने का प्रस्ताव पारित किया गया। यह भूमि पूर्व में लगभग 90 वर्षों के लिए लीज पर दी गई थी, जिसे अब स्वेच्छा से वापस कर दिया गया है। साथ ही अवैध कब्जों के विरुद्ध अभियान को और तेज करने तथा अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि पर कल्याण मंडप और सामुदायिक केंद्र बनाने की मंजूरी भी दी गई।बैठक में नगर निगम कर्मचारियों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शहर के सेंट जोसेफ विद्यालय समूह द्वारा नगर निगम के स्थायी कर्मचारियों के बच्चों की ट्यूशन फीस में 50 प्रतिशत छूट देने के प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इससे कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार लाने को लेकर भी सदन में गंभीर चर्चा हुई। पिछले माह सफाई व्यवस्था में आई गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं की जवाबदेही तय करने का प्रस्ताव पारित किया गया। महापौर ने निर्देश दिए कि कार्यदायी संस्थाएं अपने यहां कम से कम 75 प्रतिशत कर्मचारियों की भर्ती स्थानीय स्तर से करें, ताकि कार्य की गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।बैठक में कुल 10 महत्वपूर्ण शासनादेश पारित किए गए, जिनमें सड़कों के निर्माण, सीवरेज एवं जल निकासी व्यवस्था, पार्क विकास, तालाब संरक्षण तथा पशु आश्रय जैसी योजनाएं शामिल रहीं। मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण एवं विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। भारतेंदु हरिश्चंद्र वार्ड, इग्नू रोड क्षेत्र, गोल मार्केट से कपूरथला चौराहा तथा रजनीखंड क्षेत्र में सड़क विकास कार्यों के लिए धनराशि की किश्तें स्वीकृत की गईं।शहर में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए कई सीवरेज एवं जल निकासी परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। लोहिया नगर, विकास नगर और भवानीगंज वार्ड क्षेत्रों में नालों के निर्माण एवं ढंकने के कार्य को मंजूरी दी गई, वहीं अमौसी रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भूमिगत पाइप के माध्यम से नाला निर्माण की योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई।पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए तालाबों के सौंदर्यीकरण और संरक्षण से जुड़े प्रस्तावों को भी प्राथमिकता दी गई। आलमनगर वार्ड स्थित घोबीघाट तालाब के सौंदर्यीकरण तथा कुकरेल नदी की सफाई और गाद निकासी कार्य के लिए धनराशि स्वीकृत की गई। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में पार्क निर्माण और मियावाकी पद्धति से हरित क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया, जिससे शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने में मदद मिलेगी।बैठक के अंत में महापौर सुषमा खर्कवाल ने सभी पारित प्रस्तावों के समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम लखनऊ शहर को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है तथा जनहित सर्वोपरि है।
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