नासिक,15 अपै्रल (आरएनएस)। महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में धर्म परिवर्तन और यौन शोषण से जुड़े मामले में 9 एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें जबरन नमाज अदा करवाना, कथित तौर पर मांसाहारी भोजन खाने के लिए मजबूर करना, छेड़छाड़, शादी के बहाने बलात्कार और संतान न होने पर अपमानजनक टिप्पणियों जैसे आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है और 2 महिला सहित कुल 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी दानिश शेख, तौसीफ अत्तार और निदा खान ने हिंदू धर्म के देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां कर कंपनी की महिला कर्मचारी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई। तौसीफ अत्तार ने शिकायतकर्ता से शादी का वादा किया और कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। आरोपी दानिश ने कार्यालय और लॉबी में शिकायतकर्ता को शारीरिक रूप से पकड़ा, जिससे शिकायतकर्ता को शर्मिंदगी और अपमान का सामना करना पड़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2 मई, 2023 और 19 मार्च, 2026 के बीच आरोपी रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी ने शिकायतकर्ता महिला को घूरा, छूआ और उसके निजी और वैवाहिक जीवन के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां कीं। महिला ने इन घटनाओं को लेकर कंपनी अधिकारी से बार-बार मौखिक शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन अधिकारी ने कोई ध्यान नहीं दिया। एफआईआर में कहा गया है कि अधिकारी की निष्क्रियता से आरोपियों का हौसला और बढ़ा।
एफआईआर में कहा गया है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता के धर्म के देवी-देवताओं के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने शिकायतकर्ता को जबरन नमाज पढऩे के लिए मजबूर किया और हिंदू देवी-देवताओं तथा हिंदू धर्म का अपमान किया। इसके अलावा शिकायतकर्ता को मांसाहारी भोजन खाने के लिए मजबूर करके उसका धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया गया। साथ ही हिंदू धर्म की महिलाओं के प्रति अश्लील भाषा और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं।
एक आरोपी शफी शेख ने बैठकों के दौरान महिला शिकायतकर्ता की छाती को घूरते हुए उसे शर्मिंदा किया। तौसीफ ने शिकायतकर्ता के साथ यौन संबंध बनाने के इरादे से उसके निजी जीवन से संबंधित शर्मनाक सवाल पूछे। आरोपी आसिफ और शफी शेख ने शिकायतकर्ता महिला की शारीरिक बनावट के बारे में अश्लील टिप्पणियां कीं। आरोपी आसिफ, शाहरुख, रजा मेमन, तौसीफ और शफी ने महिला शिकायतकर्ता का पीछा किया और अभद्र इशारे किए।
मामला सामने आने के बाद टीसीएस ने नासिक कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। कंपनी ने उत्पीडऩ के आरोपों में शामिल सभी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। टीसीएस ने अपनी जीरो टॉलरेंस नीति का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि वे कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के उत्पीडऩ को स्वीकार नहीं करते हैं। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, हम सुरक्षित और समावेशी वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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