नई दिल्ली ,17 अपै्रल ,। सोचिए, आप सुबह घर से निकलें और 100 किलोमीटर दूर किसी शहर में अपनी मीटिंग के लिए सिर्फ 15 मिनट में पहुंच जाएं। न कोई ट्रैफिक जाम, न रेड लाइट और न ही ट्रेन का लंबा इंतजार। सुनने में यह किसी हॉलीवुड साइंस फिक्शन फिल्म का सीन लग सकता है, लेकिन अब यह भारत में हकीकत बनने जा रहा है। देश में 30 से 300 किलोमीटर की ‘मिडिल डिस्टेंसÓ यात्रा को आसान बनाने के लिए देसी स्टार्टअप ‘सरला एविएशनÓ और दिग्गज एयरलाइन कंपनी ‘इंडिगोÓ ने हाथ मिला लिया है। दोनों कंपनियां मिलकर भारत में एक नया एयर टैक्सी नेटवर्क तैयार कर रही हैं, जो सड़क और आसमान के बीच की दूरी को मिटाकर सफर का पूरा अनुभव बदल देगा।
इंडिगो का बड़ा निवेश, देसी स्टार्टअप के साथ तैयार हो रहा नेटवर्क
भारत में सड़क और रेलवे का बेहतरीन जाल होने के बावजूद 100-200 किलोमीटर की यात्रा के लिए लोगों को अक्सर भारी ट्रैफिक और घंटों की देरी का सामना करना पड़ता है। इसी बड़ी समस्या को दूर करने के लिए इंडिगो वेंचर्स ने सरला एविएशन में 10 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया है। इस निवेश को भारत के पहले बड़े एयर टैक्सी नेटवर्क की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। सरला एविएशन का यह फंडिंग राउंड एक्सेल और निखिल कामथ के नेतृत्व में पूरा हुआ है। इंडिगो के पास रोजाना 2000 से ज्यादा उड़ानों और 85 एयरपोर्ट का मजबूत नेटवर्क है, जो इस प्रोजेक्ट को तकनीकी और ऑपरेशनल स्तर पर बड़ी ताकत देगा।
बिना रनवे के उड़ेगी 6-सीटर फ्लाइंग टैक्सी, प्रदूषण से भी मिलेगी राहत
सरला एविएशन अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (द्गङ्कञ्जह्ररु) एयरक्राफ्ट तैयार कर रही है। इसे हाल ही में भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो में भी पेश किया गया था। इस 6-सीटर फ्लाइंग टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे उड़ान भरने या उतरने के लिए किसी लंबे रनवे की जरूरत नहीं होती। यह बिल्कुल एक हेलीकॉप्टर की तरह अपनी जगह से ही सीधे टेक-ऑफ कर सकती है और एक ही पॉइंट पर लैंड कर सकती है। बैटरी और हाइब्रिड-इलेक्ट्रिक सिस्टम से चलने वाले ये एयरक्राफ्ट बेहद शांत होते हैं और प्रदूषण भी ना के बराबर फैलाते हैं। कंपनी ने हाल ही में बेंगलुरु स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में इस एयर टैक्सी की ग्राउंड टेस्टिंग भी सफलतापूर्वक शुरू कर दी है।
घंटों का सफर अब मिनटों में, यहां देखें रूट और समय का पूरा गणित
इस प्रोजेक्ट के सफल होने पर सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कई व्यस्त रूटों पर सफर का समय चमत्कारी रूप से कम हो जाएगा। सरला एविएशन ने कुछ प्रमुख शहरों के भारी ट्रैफिक वाले रूटों का एक खाका पेश किया है, जिससे यह साफ होता है कि इस एयर टैक्सी के आने से यात्रा में कितना बड़ा बदलाव आएगा।
इस आधुनिक तकनीक के जरिए बेंगलुरु एयरपोर्ट से इलेक्ट्रॉनिक सिटी तक का 92 मिनट का सफर अब मात्र 10 मिनट में पूरा होगा, वहीं मुंबई के जुहू से पुणे पहुँचने में लगने वाले 219 मिनट घटकर केवल 30 मिनट रह जाएंगे। इसी तरह, दिल्ली-एनसीआर के व्यस्त रूट गुरुग्राम से नोएडा की दूरी 121 मिनट के बजाय अब महज 15 मिनट में तय की जा सकेगी। पर्यटन स्थलों पर भी इसका बड़ा असर दिखेगा, जहाँ मोपा एयरपोर्ट से साउथ गोवा जाने में अब 144 मिनट के बदले सिर्फ 21 मिनट लगेंगे और कोच्चि से मुन्नार का 196 मिनट का लंबा पहाड़ी रास्ता केवल 10 मिनट की हवाई यात्रा में सिमट जाएगा। यह क्रांतिकारी बदलाव न केवल लोगों का कीमती समय बचाएगा, बल्कि शहरी परिवहन की पूरी परिभाषा ही बदल कर रख देगा।
रोजगार से लेकर मेडिकल इमरजेंसी तकज् हर क्षेत्र में आएगी बड़ी क्रांति
भारत का नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (ष्ठत्रष्ट्र) भी इस नई तकनीक के लिए तेजी से नियम और रास्ते तैयार कर रहा है। सरला एविएशन की टीम में लिलियम और जॉबी एविएशन जैसी वैश्विक कंपनियों के एक्सपर्ट शामिल हैं। कंपनी का मानना है कि भारत की विशाल आबादी और डिमांड के कारण एयर टैक्सी की जरूरत यहां सबसे ज्यादा है। इस फ्लाइंग टैक्सी के शुरू होने से न सिर्फ ट्रांसपोर्टेशन की शक्ल बदलेगी, बल्कि एयरोस्पेस सेक्टर में हजारों नई नौकरियां भी पैदा होंगी। इसके अलावा, इमरजेंसी मेडिकल सर्विस की रफ्तार बढ़ेगी, छोटे शहर सीधे बड़े शहरों से जुड़ेंगे और रक्षा क्षेत्र के लॉजिस्टिक्स को भी नई मजबूती मिलेगी।
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