रांची 17 अप्रैल (आरएनएस)। ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय द्वारा 19 अप्रैल 2026 को रांची में ‘कैरियर गाइडेंसÓ हेतु एक ओपन हाउस सेशन आयोजित किया जा रहा है, जो होटल ब्लूम (जयपाल सिंह स्टेडियम के पास) में होगा। इस कार्यक्रम में रजिस्ट्रार डॉ. अनुराग विजयवर्गीय छात्रों को कैरियर मार्गदर्शन और मेंटरशिप देंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार सही कैरियर चुनने में सहायता करना है। कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कोई शुल्क नहीं है, और छात्र- अभिभावक इसमें शामिल होकर प्रवेश प्रक्रिया, कोर्सेस और यूनिवर्सिटी की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और साइंस के विभिन्न कोर्स (डिप्लोमा, बीटेक, एमबीए, बीएससी, पीएचडी आदि) उपलब्ध हैं, जो उद्योग-उन्मुख और व्यावहारिक शिक्षा पर आधारित हैं। इच्छुक प्रतिभागी टोल-फ्री नंबर या वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।
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(रांची)एनएसयूआई की बड़ी जीत: आंदोलन के आगे झुका झारखंड नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल प्रबंधन==
रांची 17 अप्रैल (आरएनएस)। जी.एन.एम नर्सिंग (सत्र 2022-25) के छात्रों की समस्याओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई ) द्वारा झारखंड नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के समक्ष लगभग 6 घंटे तक जोरदार आंदोलन किया गया। इस दौरान एनएसयूआई के हस्तक्षेप से तीन बार वार्ता हुई, जिसके बाद अंतत: जी.एन.एम छात्रों के हित में परीक्षा संबंधी आधिकारिक सूचना जारी की गई, जिससे छात्रों में खुशी और राहत का माहौल है। इस आंदोलन में मुख्य रूप से एनएसयूआई झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बिनय उरांव, महासचिव पवन नाग, रांची महानगर अध्यक्ष सतीश केशरी, रांची विश्वविद्यालय अध्यक्ष अधिवक्ता कैफ़ अली, उपाध्यक्ष विश्वजीत सिंह सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
मौके पर प्रदेश अध्यक्ष बिनय उरांव ने कहा कि एनएसयूआई हमेशा छात्र हितों की लड़ाई लड़ती आई है। जी.एन.एम छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज का यह आंदोलन छात्रों की एकजुटता और संघर्ष का परिणाम है, जिसने प्रशासन को झुकने पर मजबूर कर दिया। वहीं रांची महानगर अध्यक्ष सतीश केशरी ने कहा कि यदि प्रशासन समय रहते छात्रों की समस्याओं का समाधान करता, तो इस आंदोलन की आवश्यकता नहीं पड़ती। एनएसयूआई हर छात्र के अधिकार के लिए सड़क से सदन तक लडऩे के लिए प्रतिबद्ध है। जी.एन.एम (सत्र 2022-25) के छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे अन्याय को एनएसयूआई ने आज निर्णायक लड़ाई के माध्यम से रोका है। यह केवल एक जीत नहीं, बल्कि छात्रों की एकता और संघर्ष की ताकत का प्रतीक है। यदि भविष्य में फिर से किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी होती है, तो एनएसयूआई और भी बड़े स्तर पर आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।
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