देहरादून,17 अपै्रल (आरएनएस)। आईएमस यूनिसन विश्वविद्यालय के विधि संकाय में शुक्रवार को चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत हुई। इसमें डेटा तकनीक और कानून के नए समीकरण पर मंथन किया गया। स्वास्थ्य सेवा, व्यापार व वाणिज्य में उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग से उत्पन्न कानूनी, नैतिक और विनियामक चुनौतियां विषय पर आधारित यह दो दिवसीय सम्मेलन नाइजीरिया के स्काईलाइन विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन सत्र की मुख्यअतिथि सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता व पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने विवि परिसर में स्थित स्मृति दीवार पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ती तकनीक के दौर में मजबूत और संतुलित कानूनी ढांचे की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि कानून और तकनीक का संतुलन ही पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुशासन की नींव है। उन्होंने एआई स्वचालन से उत्पन्न कानूनी व नैतिक चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। सम्मेलन में विभिन्न संस्थानों से सौ से अधिक शोध सार प्राप्त हुए हैं। सम्मेलन में एआई की जवाबदेही, साइबर सुरक्षा समेत छह प्रमुख विषयों पर चर्चा की जा रही है। कार्यक्रम का समापन संयोजक डॉ शुएम मोहम्मद के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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