कोण्डागांव,18 अप्रैल (आरएनएस)। जिले में अक्षय तृतीय के अवसर पर 19 अप्रैल 2026 को होने वाले बाल विवाह की रोकथाम हेतु प्रशासन सजग हो गई है। कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के मार्गदर्शन एवं रेनू प्रकाश जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के नेतृत्व में जिले में बाल विवाह रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के अवसर पर बड़ी तादात पर बाल विवाह होने की सम्भावना रहती है। अक्षय तृतीया के अवसर पर आयोजित होने वाले बाल विवाहों के रोकथाम हेतु प्रभावी प्रचार-प्रसार एवं बाल विवाह की रोकथाम हेतु आवश्यक कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये है। अक्षय तृतीया पर यदि होने वाले बाल विवाह की सूचना प्राप्त होती है तो पर्यवेक्षकों (मबावि)/आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं/ग्राम पंचायतों के सचिव, जन प्रतिनिधियों नगरीय/पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संगठनों एवं आमजनों द्वारा विभागों द्वारा इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को देते हुए बाल विवाह रोकने की कार्यवाही की जावेगी। बाल विवाह न केवल एक सामाजिक कुरीति है, बल्कि यह एक दंडनीय अपराध भी है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अनुसार 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु के लड़कियों के विवाह पर प्रतिबंध है। बाल विवाह में कमी लाने के लिए स्कूलों, कालेजों, पंचायतों, नगरीय निकायों, धार्मिक स्थलों में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में बाल विवाह के दुष्परिणाम, कानूनी प्रावधानो की जानकारी से संबंधित कार्यक्रम आयोजित की जा रही है। बाल विवाहों की रोकथाम हेतु प्रत्येक विकासखण्ड के लिए गठित दल के द्वारा पंचायत स्तर पर संबंधित विभागों से समन्वय कर सतत निगरानी की जा रही है।
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