भोपाल,18 अपै्रल (आरएनएस)।भारत सरकार द्वारा म?िशन कर्मयोगी के अंतर्गत लोक सेवकों के ल?िए संचाल?ित ऑनलाइन प्रश?िक्षण एवं क्षमता न?िर्माण के ल?िये चलाये गये साधना सप्ताह में मध्यप्रदेश को आईगाट पोर्टल पर अध?िकतम पाठयक्रम पूरा करने के ल?िए राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान म?िला है। साधना सप्ताह गत दो अप्रैल से 10 अप्रैल तक चलाया गया था।
राष्ट्रव्यापी साधना सप्ताह में व?िभ?िन्न पाठयक्रमों में पंजीयन करने वाले लोक सेवकों की संख्या 9 लाख 49 हजार 215 रही। एक घण्टे के कोर्स पूरा करने वाले प्रदेश के लोक सेवकों की संख्या 3 लाख 12 हजार 662 रही। चार घंटे के कोर्स पूरा करने वाले लोक सेवकों की संख्या 2 लाख 25 हजार 700 और कम से कम एक एआई कोर्स पूरा करने वाले लोक सेवकों की संख्या 1 लाख 85 हजार 562 रही। साधना सप्ताह के दौरान कर्मयोगी उत्कर्ष बैच 855 को म?िला जबक?ि 92,432 को एआई दक्ष बैच म?िला।
केन्द्रीय कार्म?िक मंत्री डॉ. ज?ितेन्द्र सिंह ने नई द?िल्ली में गत द?िवस गर?िमापूर्ण समारोह में मप्र को सम्मान?ित क?िया। आसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के महान?िदेशक सच?िन स?िन्हा ने पुरस्कार ग्रहण क?िया। उन्होने व?िभागों के लोक सेवकों को न?िरंतर मार्गदर्शन द?िया और व?िभागों में न?िरंतर समन्वय बनाये रखा। अकादमी के संचालक मुजीबुर्रहमान खान ने बताया क?ि अकादम?िक स्टाफ और व?िभागों के सहयोग से प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान म?िला है। आसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी को व?िभागों के ल?िए एआई आधार?ित क्षमता न?िर्माण कार्ययोजनाएं बनाने में उल्लेखनीय योगदान के ल?िये पुरस्कृत क?िया गया।
राज्य स्तर पर जनजातीय कार्य व?िभाग द्वारा 10 हजार से ज्यादा लोकसेवकों की श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर व?िजय शाह ने व?िभाग के सभी अध?िकार?ियों-कर्मचार?ियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होने कहा क?ि प्रश?िक्षण एक न?िरंतर प्रक्र?िया है। लोकह?ित के कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने के ल?िए कार्यदक्षता अन?िवार्य है।
साधना सप्?ताह का उद्देश्य शासकीय सेवकों में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के माध्?यम से शासकीय तंत्र में सुदृढ़ता सुनिश्चित करना था। प्रशिक्षण की विभिन्?न प्रणालियों को अपनाने और द्बत्रशञ्ज कर्मयोगी पर उपलब्?ध पाठ्यक्रमों को पूरा करने के लिए लोक सेवकों को प्रेरित क?िया गया।
साधना सप्ताह का ढांचा तीन प्रमुख सूत्रों पर केंद्रित था — टेक्नोलॉजी, परंपरा और ठोस परिणाम। “साधना सप्ताहÓÓ के दौरान प्रत्?येक अधिकारी/कर्मचारी को न्?यूनतम 05 प्रशिक्षण पूर्ण करने का लक्ष्?य दिया गया था। प्रत्येक विभाग में 4 से 5 व्यक्तियों का समूह बनाया गया, जिसमें विभागाध्यक्ष, स्थापना एवं तकनीकि शाखाओं से जुड़े अधिकारी थे। संभाग, जिला, विकास खंड एवं प्रत्येक कार्यालय प्रमुख के स्तर पर समूह बनाए गये।
साधना सप्?ताह अतंर्गत विभागों के शासकीय सेवकों/संविदा अधिकारियों/कर्मचारियों को उनके पदों के अनुसार कम से कम 10 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आंवटित किए गए। कम से कम तीन एआई कोर्स पूर्ण करने पर “्रढ्ढ दक्ष बैज” दिया जा रहा है।
डिजिटल प्रशिक्षण में आगे-मध्यप्रदेश सर्वाधिक डिजिटल प्रशिक्षण द्बत्रह्रञ्ज पोर्टल पर कोर्स निर्मित करने वाला पहला राज्य बन गया है और सबसे अधिक लोकसेवकों को द्बत्रह्रञ्ज पोर्टल पर पंजीकृत करने वाला तीसरा राज्य है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केन्द्र सरकार द्वारा लोकसेवकों की कार्यक्षमता बढ़ाने और उनको नागरिक केन्द्र?ित होकर कर्मयोगी के रूप में दक्षतापूर्वक अपनी भूमिका निभाने मिशन कर्मयोगी वर्ष 2020 में लागू किया गया था। यह ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त करने का ऐसा प्लेटफार्म है जिसके माध्यम से सरकारी अधिकारी-कर्मचारी कहीं भी – कभी भी – किसी भी स्थान से अपनी सुविधानुसार स्व-प्रशिक्ष?ित हो सकते हैं। वे अपनी दक्षता और ज्ञान बढ़ाने अपने विभाग से संबंधित विषयों पर उपलब्ध पाठयक्रमों में प्रशिक्ष?ित हो सकते हैं। इसके अलावा अपनी रूचि अनुसार अन्य विभागों के लिए बने पाठयक्रमों में भी प्रशिक्ष?ित हो सकते हैं।
एआई आधार?ित क्षमता निर्माण कार्ययोजना में अग्रणी-क्षमता निर्माण आयोग से मिले इनपुट को शामिल कर बनी क्षमता निर्माण नीति लागू करने में भी मध्यप्रदेश अग्रणी है। सभी विभागों में क्षमता निर्माण इकाइयाँ स्थापित हो गई हैं और प्रशिक्षण की आवश्यकता का विश्लेषण करने के बाद कैडर-वार क्षमता निर्माण कार्य योजनाएँ तैयार की जा रही हैं। विभागों में क्षमता निर्माण प्रबंधकों की सेवाएँ लेने का भी प्रावधान है। उन्हें क्षमता निर्माण इकाइयों द्वारा सहयोग दिया जायेगा। क्षमता निर्माण प्रबंधकों द्वारा वार्षिक क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार की जाएंगी। विभिन्न विभागों में कार्यरत मानव संसाधन की दक्षता दर्शाने वाला एक डैशबोर्ड तैयार किया गया है, जिससे माध्यम से मुख्यमंत्री कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता की स्थिति जान सकेंगे।

